
UPPCL: पूर्वांचल और दक्षिणांचल बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण के खिलाफ विरोध लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा / संविदा कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगम में निजीकरण से लगभग 50 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी चली जाएगी।
वहीं, मध्यांचल और पश्चिमांचल निगम ने बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि छंटनी की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही, विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि निजीकरण से उपभोक्ताओं को महंगी बिजली से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी व अभियंता 10 दिसंबर को पूरे दिन काली पट्टी बांध कर कार्य करेंगे। साथ ही, सीएम योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र भेजेंगे। यह फैसला संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारी राजीव सिंह, जितेंद्र सिंह गुर्जर, गिरीश पांडेय, महेंद्र राय, सुहेल आबिद, पीके दीक्षित, राजेंद्र घिल्डियाल, चंद्र भूषण उपाध्याय, आर वाई शुक्ला, छोटेलाल दीक्षित, देवेंद्र पांडेय और आरबी सिंह आदि शामिल हुए।
Published on:
09 Dec 2024 11:57 am
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