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UPSEE के टॉपर्स बोले-मजबूरी में ही लेंगे दाखिला, आईआईटी ही है पहली चॉइस

UPSEE व पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा JEECUP के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए।

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UPSEE के टॉपर्स बोले-मजबूरी में ही लेंगे दाखिला, आईआईटी ही है पहली चॉइस

लखनऊ. UPSEE व पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा JEECUP के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। खास बात ये रही कि इस बार मेधावियों को लैपटॉप देने की भी घोषणा हुई। सूत्रों की मानें तो टॉपर्स को लुभाने के लिए प्राविधिक शिक्षा द्वारा ये पहल की गई लेकिन अधिकतर टॉपर्स आईआईटी या एनाईटी में ही एडमिशन चाहते हैं। उनका कहना है कि कोई विशेष मजबूरी में ही वह एकेटीयू में दाखिला लेंगे। इसका कारण वह प्लेसमेंट पैकेज व पढ़ाई के स्तर को बता रहे हैं।

ये भी पढ़ें- UPSEE 2018 के परिणाम घोषित- आदित्य, दीपांकुर, आकाश ने मारी बाजी

'प्लेसमेंट है अहम कारण'

अधिकतर टॉपर्स का कहना है कि उन्होंने जेईई की तैयारी की थी, साथ में यूपीएसईई की भी परीक्षा दी है। यदि उनका दाखिला जेईई के जरिए हो जाता है तो वह वहीं पर एडमिशन लेंगे। अगर नहीं होता है तो वह मजबूरी में एकेटीयू की तरफ रुख करेंगे। बीटेक एंट्रेंस के टॉपर आदित्य ने बताया कि उन्होंने जेईई एडवांस ही तैयारी की है। उनका लक्ष्य आईआईटी में पढ़ना है। उन्होंने बताया कि साल न खराब हो इसलिए यूपीएसईई में भी एप्लाई किया था। अगर जईई के जरिए दाखिला मिल जाता है तो वह एकेटीयू में दाखिला नहीं लेंगे है। लैपटॉप का उन्हें कोई लालच नहीं उन्हें अच्छा प्लेसमेंट चाहिए। इसी तरह दूसरे टॉपर मेरठ के दीपांकुर कंसल व तीसरे टॉपर लखनऊ के आकाश वर्धन का भी यही कहना है।

टॉपर्स को मिलेंगे लैपटॉप

इस दौरान प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने ऐलान किया है कि मंत्रालय UPSEE और JEECUP के 300-300 टॉपर्स को एडमिशन लेने पर प्राविधिक शिक्षा विभाग लैपटॉप देगा। दोनों ही रिजल्ट में 100-100 ओवर आल टॉपर, गर्ल्स टॉपर और एससी-एसटी के टॉपर्स को लैपटॉप मिलेगा। कुल 600 टॉपर्स को लैपटॉप दिया जाएगा। ऐसा पहली बार है कि टॉपर्स को दाखिला लेने पर लैपटॉप दिए जाएंगे।

इस बार भी खाली रह जाएंगी कई हजार सींटे

पिछले साल एकेटीयू की 50 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली रहीं थीं। जबकि एसईई में सवा लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने शिरकत की थी। इस बार भी वही स्थिति बन रही है। इस बार तो सीटों से कम ही आवेदन आए हैं। पूरी संभावना है कि इस बार भी काफी सीटें खाली रहेंगी।

इंजीनियरिंग में लड़कियों की कम दिलचस्पी

यूपीएसईई की परीक्षा में महज 25.47 प्रतिशत छात्राएं शामिल हुईं थीं जबकि 74.53 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा दी थी। हालांकि एकेटीयू के अधिकारियों का कहना है कि यूपीएसईई में हर वर्ष छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। हालांकि ग्रामीण इलाकों के छात्र-छात्राओं में इंजीनियरिंग के प्रति आकर्षण बढ़ा है। साथ ही ग्रामीण अभ्यर्थियों का परिणाम भी काफी बेहतर रहा है। प्रवेश परीक्षा में कुल एक लाख 56 हजार 452 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसमें से एक लाख 73 हजार 551 परीक्षार्थी सफल हुए। इसमें से 36 हजार 567 छात्राएं हैं, जबकि एक लाख 6 हजार 984 छात्र हैं।

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