
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (गमछे में) के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ
यूपी विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये दूसरा बजट है। सरकारें आमतौर पर आखिरी बजट में लोकलुभावन वादें करती हैं लेकिन योगी सरकार के इस बजट में कई बड़े वादों की उम्मीद प्रदेशवासियों की हैं। इन उम्मीदों के पीछे ये 5 वजह हैं।
1- 2024 के चुनाव को साधने की रहेगी कोशिश
यूपी सरकार का बजट इस साल 8-10% बढ़ने की उम्मीद है। आगामी बजट मौजूदा वित्त वर्ष के बजट से करीब 50,000 करोड़ रुपए ज्यादा हो सकता है। बजट के करीब 7 लाख करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है।
अगले साल यानी 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। केंद्र सरकार के बनने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका रहती है। इसकी वजह ये है कि यूपी में ही सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं। ऐसे में योगी सरकार के इस बजट पर चुनाव का असर दिख सकता है।
2- युवाओं को लुभाने की कोशिश
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना कह चुके हैं कि बजट में शिक्षा, रोजगार और पूंजी निवेश बढ़ाने पर सरकार का फोकस रहेगा। शिक्षा, रोजगार और पूंजी निवेश पर ध्यान देकर सरकार बेरोजगारी की समस्या को कम करना चाहती है। ताकि युवाओं में सरकार के लिए सकारात्मक संदेश जाए। बजट में योगी सरकार की ओर से सरकारी विभागों में नौकरियों के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद है।
3- किसानों की नाराजगी दूर करने की होगी कोशिश
उत्तर प्रदेश सरकार ने चालू पेराई सत्र के लिए गन्ने का भाव पिछले पेराई सत्र पर ही रखा है। गन्ने का भाव ना बढ़ाने पर बीकेयू समेत ज्यादातर किसान संगठनों ने निराशा जाहिर की है। राकेश टिकैत के नेतृत्व में हाल ही में मुजफ्फरगनर में 14 दिन लंबा धरना भी चला है।
राकेश टिकैत ने दिल्ली में रैली का भी ऐलान किया है। गन्ने के भाव के अलावा ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर लगाए जाने और छुट्टा पशुओं का मुद्दा भी यूपी में गरम है। किसानों की नाराजगी कोई भी सरकार नहीं लेना चाहती है। ऐसे में योगी सरकार की ओर से किसानों के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद है।
4- महिलाओं पर फोकस
योगी सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं। इन योजनाओं में गर्भवती महिलाओं के लिए, लड़कियों की शादी के लिए, बुजुर्ग पेंशन, छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप की योजनाएं हैं। इस बजट में नई योजनाओं के साथ-साथ महिलाओं की पेंशन बढ़ाने और छात्राओं को वजीफे से जुड़ी योजनाओं में पैसा बढ़ाए जाने की उम्मीद है।
5- विपक्ष के विरोध की काट का रास्ता
इस बजट सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद जताई जा रही है। खासतौर से कानपुर देहात का मामला, जातीय जनगणना, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर सपा, रालोद, कांग्रेस और बसपा सरकार को घेरेंगे।
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विपक्ष के हंगामे को बेअसर करने के लिए भी योगी सरकार कुछ बड़ी योजनाओं का ऐलान कर सकती है। इसके साथ-साथ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश के बड़े प्रस्तावों को सामने रखकर भी सरकार विपक्ष को चुप करने की कोशिश करेगी।
Updated on:
19 Feb 2023 05:15 pm
Published on:
19 Feb 2023 04:52 pm
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