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18 साल पहले बंद हो गया था खनिज विकास निगम, अब भी यूपी सरकार उठा रही है बोझ

राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड को भले ही साल 2000 में बंद करने का निर्णय ले लिया हो लेकिन निर्णय अभी तक लागू नहीं हो सका है।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan Sharma

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Updated: 20 Apr 2018, 5:29 PM IST

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड को प्रदेश सरकार ने भले ही साल 2000 में बंद करने का निर्णय ले लिया हो लेकिन सरकार का निर्णय अभी तक लागू नहीं हो सका है। हालत यह है कि निगम को बंद करने की प्रक्रिया पिछले 18 सालों से चल रही है। अब निगम की बाइंडिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए इस मामले की शिकायत प्रदेश के भू-तत्व और खनिजकर्म विभाग के प्रमुख सचिव से की गई है। शिकायत में कहा गया है कि निगम के कुछ ऐसे अफसरों की नौकरी बचाये रखने के मकसद से विभाग की बाइंडिंग प्रक्रिया को जानबूझ कर लटकाया जा रहा है जिन पर पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।

20 हज़ार वर्ग फ़ीट में बने दफ्तर का नहीं कोई उपयोग

निगम में माइनिंग इंजीनियर के पद पर कार्यरत रहे एके कश्यप ने शासन को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड में कल्याण और सतर्कता प्रबंधक पद पर रहते हुए मधुकर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी से नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी। शिकायत में बताया गया है कि निगम मुख्यालय भवन कपूरथला में निष्प्रयोज्य पड़ा हुआ है जो 20000 वर्ग फ़ीट में स्थित है। इस भवन का सरकार किसी अन्य काम में भी उपयोग नहीं कर पा रही है और सरकार को हर माह लाखों रूपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मंत्री भी लिख चुके हैं कार्रवाई के लिए चिट्ठी

शिकायती पत्र में मांग उठाई गई है कि मधुकर सिंह से निगम का प्रभार वापस लेते हुए निगम में हुए भ्रष्टाचारों की जांच और कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही निगम का प्रभार पैतृक विभाग के किसी अधिकारी को देने की मांग की है जिससे निगम पर खर्च होने वाले अतिरिक्त धन की बचत हो सके। शिकायती पत्र में निगम का प्रभार संभाल रहे मधुकर सिंह पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं और कार्रवाई की मांग की गई है। इससे पहले प्रदेश सरकार के मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मधुकर सिंह की नियुक्ति खारिज करने और जांच कराने की मांग की थी।

18 साल से चल रही विभाग की बाइंडिंग की प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1974 में हुई थी और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे 2000 में बंद करने का निर्णय लिया था। यह हैरत की बात है कि जिस विभाग ने मात्र 26 वर्ष काम किया, उसे बंद करने की प्रक्रिया पिछले 18 सालों से चल रही है। मधुकर सिंह विभाग से वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए और लगातार सेवा विस्तार हासिल कर रहे हैं। विभाग के छंटनीशुदा अफसरों का कहना है कि बहुत सारे अफसरों को समायोजन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है जबकि रिटायर्ड होने के बाद भी मधुकर सिंह को लगातार 7 सालों से सेवा विस्तार दिया जा रहा है।

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