
अब कम समय में सीख सकते संस्कृत बोलना : शोभन लाल उकील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ ने मंगलवार को देववाणी संस्कृत को व्यावहारिक रूप प्रदान करने के लिए ऑनलाइन संस्कृत सम्भाषण कक्षाओं का सामुहिक उद्घाटन किया। योजना की शुरुआत के साथ प्रदेश के 47 समूहों में 27 शिक्षकों ने पंजीकृत छात्रों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया गया। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा की गई पहल के तहत 8533 इच्छुक शिक्षार्थियों ने प्रथम स्तर के संस्कृत भाषा शिक्षण के लिए पंजीकरण करा लिया है।
मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के उपाध्यक्ष शोभन लाल उकील ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज ऑनलाइन माध्यम से संस्कृत बोलना और सीखना अत्यन्त सरल हो गया है। अनायास रूप से हम सहज रूप से इसे अपने व्यावहारिक जीवन में ला सकते हैं।
प्रशासनिक अधिकारी दिनेश कुमार मिश्र ने संस्थान की सरल संस्कृत सम्भाषण योजना के विषय में जानकारी दी। प्रशिक्षण प्रमुख सुधीष्ठ मिश्र ने संस्कृत सम्भाषण से होने वाले लाभों का उल्लेख किया। इस अवसर पर डॉ. रत्नेश्वर मणि त्रिपाठी, सुशील कुमार, प्रशिक्षण समन्वयक धीरज मैठाणी ने अपने-अपने विचार रखे। मंच संचालन प्रशिक्षक अमित तिवारी ने किया।
संस्थान द्वारा उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी राज्यों के 10 हजार प्रतिभागियों को मिस कॉल के माध्यम से पंजीकृत कर गूगल मीट पर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रारम्भ में प्रतिभागियों ने परस्पर परिचय, वस्तुओं के नाम, क्रियापद एवं विभक्तियों का ज्ञान प्राप्त कर बोलने का अभ्यास किया। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारी डॉ. दिनेश मिश्र, डॉ. चन्द्रकला शाक्या तथा प्रशिक्षकों में सविता मौर्य, राधा शर्मा, मीना धुरिया, योगेश अवस्थी, दीन दयाल अवस्थी उपस्थित रहे।
Published on:
20 Jul 2021 09:27 pm
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