
vaibhav tiwari murder case
लखनऊ. बीजेपी से सिद्धार्थनगर के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी के हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपियों विक्रम सिंह और सुरज शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताकबिक हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह लखनऊ के सिविल कोर्ट में आत्मसर्मपण करने जा रहा था। इसकी पुलिस को पहले ही भनक लग गई और पहले ही विक्रम को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं इसके बाद पुलिस टीम ने सूरज शुक्ला को भी गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी दीपक कुमार ने शनिवार को हुए पूर्व विधायक पुत्र के हत्याकांड के बाद दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
ऐसे अंजाम दी गई थी वारदात
पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी का इकलौता 28 वर्षीय बेटा हजरतगंज थाना क्षेत्र नरही में कसमंडा हाउस अपार्टमेंट के कमरा नंबर 22 में रह रहा था। वैभव खुद ग्राम प्रधान था और उसकी मां संध्या तिवारी बीडीसी हैं। गत शनिवार रात करीब 9.15 बजे अपार्टमेंट के नीचे वैभव की उसके पूर्व बिजनेस पार्टनर सूरज शुक्ला से पैसों के विवाद को लेकर बहस हुई थी। इस दौरान सूरज अपने साथी हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह को भी वहां लेकर पहुंचा था। बहस के दौरान विक्रम ने अचानक वैभव को गोली मार दी। फिर दोनों मौके से फरार हो गए। इसके बाद खून से लथपथ वैभव को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। वैभव की हत्या के बाद देर रात में ही पुलिस ने सूरज के घर छापेमारी कर 30 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की थी। इतनी नकदी को लेकर अब आयकर विभाग भी इस मामले की तफ्तीश में जुटा हुआ है।
7 लाख के विवाद में हुई हत्या
जानकारी के मुताबिक वैभव और सूरज पुराने परिचित थे। दोनों ने मिलकर प्रॉपर्टी का काम भी शुरु किया था। लेकिन बाद में विवाद होने पर दोनों अलग हो गए। अलग होने पर वैभव के ऊपर 7 लाख रूपये की देनदारी बनी। पहले सहमत होने के बाद वैभव, सूरज को पैसे देने में आनाकानी करने लगा। इस पर शनिवार को सूरज अपने साथी विक्रम के साथ वैभव से मिलने कसमंडा हाउस पहुंचा। यहां विवाद होने पर हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह ने वैभव को गोली मार दी। फिर सूरज और विक्रम अपनी गाड़ी से फरार हो गए।
Published on:
19 Dec 2017 03:36 pm

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