
vaibhav tiwari
लखनऊ. शनिवार रात राजधानी पुलिस की नींद तब उडी जब लखनऊ के हजरतगंज में पुलिस पिकेट से कुछ ही कदम दूर कसमंडा अपार्टमेंट में रहने वाले भाजपा के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के पुत्र वैभव तिवारी की हत्या कर दी गयी। तफ्तीश में सामने आया कि हत्यारा कोई और नहीं बल्कि रिटायर्ड महिला दारोगा का बेटा विक्रम सिंह है। विक्रम हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हजरतगंज सहित 4 थानों में 27 आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
दिन भर चलती रही छापे मारी
पुलिस की कई टीमें अब विक्रम और उसके साथियों की गिरफ़्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। फिलहाल आरोपी का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। दूसरी ओर परिवार वैभव का शव लेकर पैतृक गांव के लिए रवाना हो गया है यहां उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा।
हत्यारे को पकड़ने के लिए चार टीमें दे रहीं दबिश
पूर्व विधायक के बेटे को गोली मारकर मौत के घाट उतारने के बाद हत्यारे आराम से फरार हो गए। लगभग आधा घंटा बीतने तक पुलिस को वारदात की भनक भी नहीं लगी। सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के बाद हजरतगंज पुलिस की नींद टूटी और इंस्पेक्टर आनंद शाही पार्क रोड पहुंचे।
इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद शाही ने बताया कि फुटेज को देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस की चार टीमें सूरज और विक्रम की तलाश में अलग अलग जगह दबिश दे रही हैं।
वैभव का हत्यारा दे चुका है बैंक लूट को अंजाम
15 साल पहले अलीगंज में एक बैंक लूट से विक्रम का आपराधिक इतिहास शुरू हुआ था। 23 अक्टूबर 2002 को अलीगंज में बैंक लूट का मुकदमा शुरू हुआ था। दरोगा पिता के स्थान पर नौकरी पाई मां उसकी पैरवी करती रही। उसकी मां अभी पिछले दिनों सीबीसीआईडी में एसआई (एम) के पद से रिटायर हुई हैं। यही नहीं 23 जनवरी की रात एसएसपी आवास से चंद कदम दूर एक दुकान लगाने वाले से पिस्तौल के दम पर 75000 रुपये की रंगदारी मांगी थी। नगदी न होने पर विक्रम ने उससे चेक लिया और पिस्टल लहराते हुए चला गया।
Published on:
17 Dec 2017 03:54 pm

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