
Varun Gandhi File Photo
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद वरुण गांधी अक्सर अपने कामों और बयानों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहते हैं। वरुण गांधी संजय-मेनका गांधी के बेटे हैं। वरुण गांधी के परिवार को कांग्रेस पार्टी के कर्ता-धर्ता माने जाते हैं, लेकिन वरुण ने जब पॉलिटिक्स में एंट्री ली तो बीजेपी से चुनाव लड़े। इनदिनों वरुण गांधी का एक पुराना पॉलिटिकल इंटरव्यू चर्चा में है।
हर मुद्दे पर की बेबाकी से बात
बताया जा रहा है कि यह इंटरव्यू तब का है जब वरुण गांधी ने राजनीति में एंट्री ली थी। इस शो की एंकर वरुण गांधी के घर पहुंची थी। इस इंटरव्यू में वरुण ने बड़ी बेबाकी के साथ परिवार और राजनीति मुद्दों पर खुलकर बात की थी। इस शो के माध्यम से वरुण गांधी के निजी जिंदगी बारे में भी बहुत सारी बातें लोगों को पता चली थी। इंटरव्यू के दौरान वरुण गांधी ने कहा था कि वो खुद को शिक्षा से वकील, पैशन से कवि और बेरोजगारी से राजनेता मानते हैं। इस शो के दौरान वरुण गांधी कविता, पेंटिंग्स और किताबों के बारे में भी बात करते दिखे थे। वरुण गांधी की मां मेनका गांधी भी कला प्रेमी हैं।
विकास और प्रगति के लिए बीजेपी से जुड़ा
इंटरव्यू के दौरान वरुण गांधी के पिता संजय गांधी को देश में हुए इमरजेंसी का चेहरा कहे जाने पर वरुण इसे नकारते हुए तत्कालिक घटनाओं को जिम्मेदार बताया था। वरुण ने यहां तक कहा कि अगर किसी के पास थोड़ा सा भी सेंस है वो इमरजेंसी को गलत ही ठहराएगा। मेरे पिता और मेरी दादी भी इसे गलत करार दे चुके हैं। माफी भी मांगी जा चुकी है और यही वजह रही कि इमरजेंसी के कुछ दिनों बाद ही कांग्रेस वापस सत्ता में आई थी। घर की पार्टी कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर वरुण गांधी ने कहते हैं कि उन्हें विकास और प्रगति ने साथ लाया है।
2009 से लगातार सांसद हैं वरुण
गौरतलब है कि मां मेनका गांधी के साथ वरुण गांधी 2004 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे, इससे पहले भी वो NDA के ही हिस्सा थे। बीजेपी ने वरुण गांधी को 2009 में पीलीभीत से उम्मीदवार बनाया और वो भारी बहुमत से चुनाव जीते। तब से लगातार वरुण गांधी बीजेपी से सांसद हैं और अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं।
Published on:
02 Aug 2021 03:08 pm
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