
मुरादाबाद. डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है लेकिन अगर डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी पालना न करें और लापरवाही करें तो उनकी लापरवाही उन्हें शैतान बना देती है। ऐसा ही एक मामला मुरादाबाद में देखने को मिला है जहां पर एक्सीडेंट के पीड़ित व्यक्ति को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और व्यक्ति को रात भर मोर्चरी में रखा गया।
सुबह जब पुलिस पंचनामा करने के लिए पहुंची तो देखा कि व्यक्ति की सांसे चल रही है। आनन-फानन में पुलिस व परिजनों ने पीड़ित को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में दोबारा भर्ती कराया जहां पर उसका इलाज शुरू हुआ, दो घंटे के इलाज के बाद पीड़ित को मेरठ रेफर कर दिया गया है।
संभल जनपद के निवासी श्रीकेश नगर निगम में लाइन मैन लाइट के पद पर काम करते हैं। ये अपनी पत्नी के साथ किराए के मकान में रहते हैं। पत्नी रानी दिल्ली रोड स्थित पर निजी अस्पताल में नर्स है। श्रीकेश के भाई सत्यनंद ने पुलिस को बताया कि श्रीकेश गुरुवार रात 9:30 बजे डेयरी से दूध खरीदने जा रहे थे तभी बाइक में टक्कर मार दी। परिजन घायल श्रीकेश को लेकर विवेकानंद अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। परिजन इसके बाद श्रीकेश को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां एजेंसी में तैनात डॉ मनोज यादव ने भी श्रीकेश को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे दरोगा अवधेश कुमार परिजनों के साथ मोर्चरी पहुंचे और पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू की इस दौरान देखा कि श्रीकेश की सांसे चर रही हैं। इसके बाद घायल को दोबारा मोर्जरी से निकालकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
Published on:
20 Nov 2021 09:53 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
