
कुछ नुस्खे का पालन करके हम सदैव जवान रहते हुए अपनी स्टैमिना को बरकरार रख सकते हैं।
Ayurveda News: तापमान में गिरावट के कारण हमारा पाचन तंत्र भी शिथिल हो जाता है। जठराग्नि मंद हो जाती है। प्रयागराज के सुप्रसिद्ध वैद्य राज किशोर बताते हैं कि शीत ऋतु में वायु, पित्त और कफ तीनों का संतुलन बनाए रखना चाहिए। शीत ऋतु में दिसंबर से लेकर फरवरी के अंत तक कुछ ऐसे उपाय हैं जिनको करने से हम साल भर तक न केवल निरोग रहते हैं बल्कि हमारा स्टैमिना भी बढ़ता है।
वैद्य किशोर बताते हैं कि सर्दियों के मौसम में प्रतिदिन च्यवनप्रास का सेवन अवश्य करना चाहिए।
रात को सोने से पहले अर्जुन की छाल को पानी में भिगो दे देना चाहिए और सुबह उठकर उसे छानकर अवश्य पीना चाहिए इससे हमारी बॉडी डिटॉक्स होती है और शरीर के अंदर से सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं क्योंकि सर्दियों के मौसम में पसीना बहुत कम निकलता है इसलिए हमें पानी 24 घंटे में कम से कम 6 लीटर अवश्य पीना चाहिए। राजकिशोर के अनुसार सर्दियों के मौसम में सूखे फल वाला दालों का सेवन करना चाहिए सुबह काम से कम 45 मिनट तक नियमित योग व्यायाम सर्दियों में करने से अत्यधिक फायदा होता है।
Published on:
16 Dec 2023 01:09 pm

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