
File Photo
प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सरकारी अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था के लिए निर्देश जारी किए है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निदेशक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और अधीक्षक हर महीने न केवल अस्पताल के क्रिटिकल परफारमेंस के पैरामीटर (जो कि एचएमआईएस पोर्टल में परिलक्षित भी हो रहे हैं।
सारथी सेन शर्मा ने निर्देश दिए कि ओपीडी आईपीडी, संस्थागत प्रसव, मेजर ऑपरेशन एवं लैब टेस्ट इत्यादि) का विश्लेषण करें बल्कि चिकित्सकवार भी इसका विश्लेषण करें कि प्रत्येक ऐसे चिकित्सक, जिनके द्वारा ओपीडी सर्जरी की जा रही हैं, उनके द्वारा कितने मरीज देखे जा रहे हैं।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने दिए निर्देश
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने निर्देश दिए कि केयर ऐप में नियमित रूप से प्रत्येक सोमवार को उपकरणों की क्रियाशीलता का डाटा उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद जहां कहीं भी कोई उपकरण लंबे समय तक क्रियाशील नहीं रहता है तो सीधे अपर निदेशक, विद्युत से संपर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही 108 अस्पतालों का अनुश्रवण एकीकृत कोविड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से किया जाएगा।
इन अस्पतालों में महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं और प्रत्येक कैमरे से क्या देखा जाना है, उसकी एसओपी का निर्धारण भी हो चुका है।
प्रमुख सचिव ने अपने निर्देश में कहा कि मानक के अनुसार जो दवाईयां जनपद के ड्रग वेयर हाउस में उपलब्ध हैं, उनको अगर कोई उपर्युक्त कारण न हो, तो अस्पताल में प्राप्त करना और मरीजों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएं।
आईपीडी वार्ड में भोजन गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से की जाए
आपातकालीन क्षेत्र में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की पर्याप्त ड्यूटी लगायी जाएं और वहां मरीजों के लिए एंबूलेंस, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और आवश्यक दवाईयों उपकरणों इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आईपीडी वार्ड में जो भोजन उपलब्ध कराया जाता है, उसकी गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से की जाए और मरीजों एवं उनके तीमारदारों से टेस्टीमोनियल रिकार्ड किया जाएं।
Published on:
03 Jun 2023 05:19 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
