लखनऊ

Subrata Roy Sahara: क्या है वो चिट्ठी का अनसुना किस्सा, जिसने सहारा चीफ को पहुंचाया जेल?

Subrata Roy Sahara: देश की जानी-मानी कंपनी सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का बीती रात मुंबई में निधन हो गया। क्या आपको पता है सुब्रत रॉय को जेल भी जाना पड़ा था। क्या है जेल जाने के पीछे की वजह और आखिर क्या है वह चिठ्ठी का किस्से जो अब तक अनसुना है। आईए, जानते हैं।

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Nov 15, 2023
क्या है वो चिट्ठी का अनसुना किस्सा, जिसने सहारा चीफ को पहुंचाया जेल?

Subrata Roy Sahara: देश की जानी-मानी कंपनी सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का बीती रात मुंबई में निधन हो गया। उनका इलाज मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। आज शाम उन्हें मुंबई में अंतिम विदाई दी जाएगी। सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की तूती बोलती थी। लेकिन, क्या आपको पता है सुब्रत रॉय को जेल भी जाना पड़ा था। क्या है जेल जाने के पीछे की वजह और आखिर क्या है वह चिठ्ठी का किस्से जो अब तक अनसुना है। आईए, जानते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन सब के पीछे एक लेटर था, जिसने पूरे सहारा ग्रुप को आसमान से जमीन पर ला दिया। यह लेटर 4 जनवरी 2010 को रोशन लाल के नाम से नेशनल हाउसिंग बैंक को मिला। इस खास लेटर में सहारा ग्रुप में चल रही गड़बड़ियों को लेकर सनसनी खुलासा किया था।

बॉन्ड्स की जांच का अनुरोध
इस लेटर में लिखा था, वह (रोशन लाल) इंदौर का निवासी है और सीए का काम करते हैं। इसमें रोशन ने एनएचबी से सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन की ओर से जारी बॉन्ड्स की जांच का अनुरोध किया था। सीए ने आरोप लगाते हुए कहा था कि सहारा ग्रुप की कंपनियों के बॉन्ड तय नियमों के अनुसार जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि, बैंक ने उस चिठ्ठी को कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी को फॉरवर्ड कर दी।

सहारा ग्रुप पर जनता से पैसा लेने पर रोक
जानकारी के अनुसार, सेबी को भी अहमदाबाद के एक एडवोकेसी ग्रुप प्रोफेशनल ग्रुप फॉर इनवेस्ट प्रोटेक्शन की तरफ से एक नोट मिला। जिसके बाद सेबी ने 24 नवंबर 2010 को सहारा ग्रुप को जनता से पैसा लेने पर रोक लगा दी। रोक लगाने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को इन्वेस्टर्स के 24,029 करोड़ रुपए 15 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया।

सहारा ग्रुप ने सेबी के कानून का उल्लंघन किया
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सहारा ग्रुप की कंपनियों ने सेबी के तय नियम- कानून का उल्लंघन किया है। न्यायालय ने कहा कि वैसे लोगों से भी पैसे इकठ्ठा किये गए जो बैंकिंग का लाभ ही नहीं उठा सकते थे। वहीं जब सहारा ग्रुप की कंपनियां इन्वेस्टर्स के पैसे लौटाने में असफल रहीं तो सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय को 4 मार्च 2014 को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। जेल जाने की वजह से सुब्रत की निजी जिंदगी के साथ-साथ उनका बिजनेस भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।

मां की अंतिम संस्कार में शामिल होने को मिला पैराेल
सुब्रत की मां की मौत के बाद 6 मई 2016 को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सुब्रत रॉय को पैराेल दी गई थी। और इसके बाद से ही सहारा प्रमुख की पैराेल बढ़ती रही है। इस केस पर सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया था कि सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 19,400.87 करोड़ रुपए और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 6380.50 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसको लेकर सहारा की ओर से जानकारी दी गई थी कि वह इन्वेस्टर्स के फंसे पैसे लौटाना चाहता है लेकिन, यह पैसे सेबी के पास फंसे हैं। रिपोर्ट के अनुसार सहारा ग्रुप ने कुछ किस्तों में सेबी को जमा पैसे का बड़ा हिस्सा दिया, लेकिन पूरी रकम नहीं दे सका। हालांकि सहारा ग्रुप को राहत तब मिली जब केंद्र सरकार ने निवेशकों की रकम को लौटाने के लिए पोर्टल शुरू किया।

Published on:
15 Nov 2023 04:36 pm
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