
वर्तमान DGP राजकुमार विश्वकर्मा
करीब दो महीने बाद फिर से उत्तर प्रदेश में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की खोज होने लगी है। इसका कारण है कि मौजूदा DGP राजकुमार विश्वकर्मा 30 मई को रिटायर हो रहे है। इस वक्त प्रदेश में DG रैंक के 3 सीनियर IPS ऑफिसर पर सरकार नाराज दिख रही है। इनमें से दो अफसरों जहां बेहद मामूली या यूं कह ले कि महत्वहीन विभाग में तैनात हैं। वहीं, तीसरे अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से 5 महीने पहले आने के बाद भी नई तैनाती का इंतजार कर रहे हैं। अगर वर्तमान DGP के रिटायर होने से पहले नए पुलिस महानिदेशक के नाम का ऐलान नहीं होता है तो प्रदेश की कानून व्यवस्था फिर से कार्यवाहक DGP के पास होगी।
DGP बनने के रेस में ये दो नाम सबसे आगे
डीजीपी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष का पद भी संभाल रहे वर्ष 1988 बैच के आईपीएस डॉ. आरके विश्वकर्मा का सेवाकाल इसी माह समाप्त हो रहा है। यदि राज्य सरकार ने उन्हें स्थाई डीजीपी नियुक्त नहीं किया तो वह आगामी 30 मई को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। अटकलें इस बात पर भी लगाई जा रही हैं कि नया डीजीपी बनने की दौड़ में आनंद कुमार व विजय कुमार सबसे आगे है।
कई सीनियर अधिकारियों से सरकार नाराज
पुलिस महानिदेशक स्तर के यूपी कैडर के तीन आईपीएस राज्य सरकार की नाराजगी का दंश झेल रहे हैं। इनमें से दो महत्वहीन पद पर तैनात हैं तो तीसरे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पांच महीने पहले वापस आने के बाद भी प्रतीक्षारत हैं। तीनों के प्रति यह नाराजगी पुलिस विभाग में चर्चा का सब बनी हुई है।
कोई वेटिंग में तो किसी के पास दो-दो विभाग
1987 बैच के आईपीएस मुकुल गोयल 11 मई 2022 से डीजी नागरिक सुरक्षा का पद संभाल रहे हैं। इसी तरह 1988 बैच के आईपीएस आनंद कुमार 31 मार्च 2023 को डीजी जेल के पद से तबादले के बाद डीजी सहकारिता प्रकोष्ठ का पद संभाल रहे हैं। वहीं, 1989 बैच के आईपीएस आशीष गुप्ता केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद दो दिसंबर 2022 से ही प्रतीक्षारत हैं।
इनमें वर्ष 1990 बैच की आईपीएस तनुजा श्रीवास्तव डीजी रूल्स एवं मैनुअल तथा सतीश कुमार माथुर डीजी मानवाधिकार शामिल हैं। हालांकि तनुजा श्रीवास्तव को आगामी 30 मई को डीजी चंद्र प्रकाश के सेवानिवृत्त होने के बाद डीजी विशेष जांच के पद का अतिरिक्त प्रभार मिल जाएगा। वर्ष 1989 बैच के आईपीएस चंद्र प्रकाश पहली अप्रैल 2020 से डीजी विशेष जांच के पद पर कार्यरत हैं। इसके विपरीत डीजी रैंक के कुछ अफसरों के पास दो या तीन प्रभार हैं तो इंटेलिजेंस विभाग एडीजी रैंक के अफसर संभाल रहे हैं।
1 साल से प्रदेश की कानून व्यवस्था कार्यवाहक DGP के सहारे
11 मई 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर तब के DGP मुकुल गोयल को उनके पद से हटा दिया था। उन्हें डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेज दिया गया। उसके बाद से ही प्रदेश की कानून व्यवस्था कार्यवाहक DGP डी एस चौहान के पास चली गई। लेकिन इस साल मार्च में उनके रिटायर होने के बाद सरकार ने परमानेंट DGP के जगह पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा को कार्यवाहक DGP बना दिया था।
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नए DGP और पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष की तलाश
पुलिस महानिदेशक के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष का पद भी संभाल रहे 1988 बैच के आईपीएस डॉ. आरके विश्वकर्मा 30 मई को रिटायर हो रहे हैं। यदि राज्य सरकार ने उन्हें स्थाई डीजीपी नियुक्त नहीं किया तो वह आगामी 30 मई को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में अगले माह राज्य सरकार को डीजीपी के साथ-साथ पुलिस भर्ती बोर्ड इसलिए भी काफी अहम है, क्योंकि पुलिस में भर्ती की प्रक्रिया लगातार चल रही और निष्पक्ष भर्तियों का सिलसिला कायम रखना एक बड़ी चुनौती है।
Published on:
22 May 2023 10:07 am
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