
कृृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय।
गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार यानी 29 अप्रैल 2023 को दोषी ठहराया। मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया। मुख्तार अंसारी पर गैंग्स्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में सजा हुई। इसी मामले में मुख्तार के भाई सांसद अफजाल अंसारी को भी चार साल की सजा सुनाई है।
कृष्णानंद राय के बेटे पियूष राय ने बताया, “हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। मेरी मां ने कई सालों से संघर्ष किया। हम लगातार अंसारी परिवार से लड़ रहे हैं। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। इसके लिए बदली परिस्थितियां भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।”
कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने बेहद भावुक अंदाज में फेसबुक पर एक पोस्ट किया। फेसबुक पोस्ट में उन्होंने पति की फोटो के साथ एक अपनी तस्वीर भी डाली है।
अलका राय ने फेसबुक पर भावुक पोस्ट की
अपने पोस्ट में लिखा, “पूरा शहर वीरान था आपके जाने के बाद। बस हौसला मिला लोगों के विश्वास से। आज न्याय के मंदिर से आवाज आई। इंसाफ मिला है उस त्याग तपस्या से, जो आपके जाने के बाद भी हममे। लोगों ने आपके होना का विश्वास दिलाया था।”
कृष्णानन्द राय की हत्या के बाद चोटी भी काट ले गए थे
साल 2005 को बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय को AK-47 से भून दिया गया था। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय एक टूर्नामेंट का उद्धाटन करके वापस लौट रहे थे। उसी दौरान उनके ऊपर हमला कर दिया गया था। कृष्णानंद राय सहित 7 लोगों की मौत हो गई थी। राय को 50 से अधिक गोलियां लगी थीं। हत्या करने वाले कृष्णानंद राय की चोटी भी काट ली थी। हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी पर लगा।
ऐसा कहा जाता है कि मुख्तार अंसारी ने चुनावी रंजिश में बीजेपी विधायक की हत्या करा दी थी। यूपी में साल 2002 के विधानसभा चुनाव में मोहम्मदाबाद सीट से मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी को कृष्णानंद राय ने हरा दिया था।
राजनीति में उतरी अलका राय
गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा, मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय की बीच दुश्मनी की बड़ी वजह बनी। मोहम्मदाबाद से कृष्णानंद राय पहली बार विधायक चुन कर आए। तभी से मुख्तार और उनके बीच अदावत शुरू हो गई। साल 2005 में कृष्णानंद राय की हत्या हो जाती है और अलका राय चुनावी मैदान में उतर जाती हैं।
2006 में हुए उपचुनाव में अलका राय ने मुख्तार के भाई सिबगातुल्ला अंसारी को हरा देती हैं। 2007 के विधानसभा चुनाव में वो सिबगातुल्ला अंसारी से हार जाती हैं। 2012 में वह चुनावी मैदान में ना उतरने का फैसला लेती हैं।
2017 में भाजपा ने अलका राय को फिर टिकट दिया
2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अल्का राय को फिर टिकट दिया। वे बसपा के सिबगतुल्ला अंसारी को करीब 30 हजार वोटों से हराती हैं। अलका राय को 1 लाख 22 हजार 156 वोट मिले थे। बसपा को 89 हजार 4 सौ 29 वोट मिले।
साल 2022 के चुनाव में सपा के सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी से अलका राय को हार का सामना करना पड़ता है। मोहम्मदाबाद विधानसभा से लगातार 6 बार अंसारी परिवार से अफजाल अंसारी विधायक रहे हैं। 2002 में कृष्णानंद राय ने अफजाल अंसारी को मात दिया था।
Published on:
30 Apr 2023 09:15 pm

बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
