
akhilesh yadav
लखनऊ. पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए है, महिलाओं को दरिंदों से बचाना उसका कर्तव्य है, लेकिन यहां पुलिस विभाग की ही महिला अपने चौकी के दरोगा की दरिंदगी का शिकार हो गई। पीड़िता महिला कांस्टेबल है और इज्जत को तार तार करने वाला एक दरोगा है। मामले की सुनवाई नहीं हो रही। महिला कांस्टेबल इंसाफ की मांग कर रही है। मामला प्रकाश में आने के बाद समाजवादी पार्टी ने भी आक्रोश जाहिर किया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
मामले फ़तेहपुर का है। पीड़िता ने कहा है कि चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह अपने साथियों के साथ मेरे घर में घुस आया औक बंदूक की नोक पर मेरे साथ गलत काम किया। बच्चों को बंधक बना लिया व हमें कुछ भी कहने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने एसपी से गुहार लगाई जिन्होंने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इससे पूर्व महिला के पति पर पुलिस ने एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर दिया।
मामले में समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा कि फ़तेहपुर में पिस्टल के दम पर दारोग़ा द्वारा महिला कांस्टेबल से रेप की वारदात स्तब्ध करने वाली घटना। जब ख़ाकी में तैनात महिला ‘ख़ाकी’ से नहीं सुरक्षित फिर अन्य बेटियों की सुरक्षा कौन करेगा? मामले की उच्च स्तरीय जाँच करा कार्रवाई करे सरकार।
Published on:
05 Oct 2019 10:19 pm
