
File Photo of Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश में निवेश और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार महिला उद्यमियों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश सरकार महिला उद्यमियों से छोटी फैक्टरी या फिर लघु उद्योग की स्थापना के लिए खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप शुल्क नहीं लेगी। दरअसल, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन समेत कई नीतियों में संशोधन किया जा रहा है। इसी के तहत एमएसएमई इकाइयां लगाने वाले उद्यमियों के लिए विशेष राहत देने के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। योगी सरकार एमएसएमई नीति के तहत रियायतों का पिटारा खोलने का फैसला किया है। उद्यमियों के साथ पूर्वांचल और बुंदेलखंड में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किया गया है।
औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 80 लाख करोड़ रुपये (1 ट्रिलियन डॉलर) बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही योगी सरकार ने औद्योगिक निवेश को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इसी के तहत नई उद्यम नीति में महिला उद्यमियों को तवज्जो दिए जाने का प्रावधान है। महिला उद्यमियों को प्रदेश में कहीं भी जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क नहीं देना होगा।
स्टांप शुल्क में 100 प्रतिशत छूट
उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए पूर्वांचल और बुंदेलखंड में निवेश करने पर स्टांप शुल्क में 100 प्रतिशत, मध्य यूपी या पश्चिम यूपी में 75 प्रतिशत और गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इस नीति के तहत उद्यमियों को बुंदेलखंड और पूर्वांचल में सूक्ष्म उद्योग लगाने पर 25 प्रतिशत, लघु उद्योग लगाने पर 20 प्रतिशत और मध्यम उद्योग लगाने पर 15 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी मिलेगी।
Published on:
09 Aug 2022 07:53 pm

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