
बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता के साथ बच्चों ने कही अपने दिल की बात
लखनऊ, World Child Labor Prohibition Day पर शुक्रवार को सोसायटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ रिसोर्सलेस वाय ट्रेनिंग एंड हैंड होल्डिंग (समर्थ) संस्था द्वारा जनपद के पुरनिया स्थित मलिन बस्ती में शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । संस्था की टीम ने इस अवसर पर बस्ती में पहुंचकर लोगों को एकत्र कर उनसे बातचीत की । कोरोना को ध्यान मे रखते हुये लोगों को आपस मे दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा गया । इस दौरान पांच से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को एकत्रित कर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मे टीम द्वारा बच्चों तथा उनके अभिभावकों को समझाया गया कि बाल श्रम एक अपराध है और इसको बढ़ावा देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है । उन्हें बताया गया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है । बाल श्रम के कारण बच्चों से उनका बचपन छिन जाता है । वर्तमान मे देखा जाए तो यह अपराध हर दिन बढ़ता जा रहा है। अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों से बाल श्रम कराने के बजाय उन्हे सरकारी स्कूल मे भेजे जहां वह शिक्षा ग्रहण कर आगे अपने भविष्य मे बदलाव ल सकते हैं । कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित सभी लोगों को लाई, गुड़ और चना बांटा गया । इसके साथ ही वहाँ के लगभग 150 लोगों मे मास्क वितरण किया गया और कोरोना के प्रति भी जागरूक किया गया ।
कार्यक्रम के दौरान समर्थ संस्था से सर्वेश पाण्डे, स्नेहा , निहारिका और सद्दाम उपस्थित रहे । कार्यक्रम के संयोजक व समर्थ संस्था के सचिव डॉ प्रवेश द्विवेदी ने कहा कि आज के समय में बच्चो को श्रम से निकाल कर बेहतर भविष्य बनाने के लिए सरकार एवं सामाजिक संगठनों सभी को मिलकर कार्य करना होगा । शिक्षित नागरिक इस आपदा काल मे भी हर तरह के आवश्यक निर्देशों का पालन करते हुये, देश की अर्थ व्यवस्था को गति देने के साथ अपने जीवनस्तर को ऊंचा करने मे लगा है । अतः देश के भविष्य बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना हम सभी का कर्तव्य है ।
Published on:
12 Jun 2020 04:56 pm
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