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Year Ender 2020 : योगी सरकार के 10 बड़े फैसले जो सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहे

- 2020 में कोरोना महामारी के दौर में प्रदेश में विकास का पहिया योगी सरकार के लिए रही सबसे बड़ी चुनौती

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लखनऊ

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Neeraj Patel

Dec 28, 2020

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नीरज पटेल
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. साल 2020 कोरोना महामारी के कारण विपदाओं से भरा रहा है लेकिन यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की तैयारी ने इस मुश्किल घड़ी पर काबू पाने की पूरी कोशिश की। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौर में प्रदेश में विकास का पहिया योगी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। इस चुनौती पर योगी सरकार की तैयारी भी भारी पड़ गई। इस वर्ष 28 नवंबर को लव जिहाद पर बिल पास किया था। इस बिल के अनुसार धोखा धड़ी से धर्म बदलवाना या शादी के बाद जबरन धर्म परिवर्तन करवाने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी और 3-5 साल की सजा सुनाई जाएगी। यह इस साल का सीएम योगी का बड़ा सुर्खियों में रहने वाला बड़ा फैसला रहा। तो आइये इस साल के खत्म होने पर सीएम योगी के उन फैसलों के बारे में जानें जो सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहे।

माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में माफियाओं पर नकेल कसने के लिए योगी सरकार ने गैंगस्टर की धारा 14ए इस्तेमाल किया। यह कानून पहले भी लागू था लेकिन राजनीति और अपराधियों के गठजोड़ के चलते माफिया और गैंगस्टर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। यूपी की योगी सरकार ने फैसला लिया और बड़े से बड़े माफियाओं की अवैध सम्पत्तियों को कुर्क कर सीज कर दिया और अवैध निर्माण ध्वस्त करा दिए। साल 2020 में लगभग 600 करोड़ की सम्पत्तियां धराशाई की गई। इस कार्रवाई में किसी को भी नहीं बख्शा गया। चाहे वह कितना बड़ा नेता क्यों न रहा हों। सभी पर कड़ी कार्रवाई की गई।

उपद्रवियों से निपटने के लिए रिकवरी अध्यादेश

यूपी में उपद्रवियों से निपटने के लिए योगी सरकार मार्च 2020 में रिकवरी अध्यादेश लेकर आई थी। अगर कोई धरना प्रदर्शन और आन्दोलन के दौरान कोई सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो इस रिकवरी अध्यादेश के तहत उसी की सम्पत्ति से सरकारी सम्पत्ति की भरपाई की जाएगी। इस अध्यादेश के आने से पहले धरना प्रदर्शन के दौरान सरकारी सम्पत्तियों के नुकसान की भरपाई सरकार को उठानी पड़ती थी। यह अध्यादेश योगी सरकार तब लाई थी। जब सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए धरना प्रदर्शन में सम्पत्ति को भारी नुकसान हुआ था।

गोहत्या पर कड़ी सजा का प्रावधान

उत्तर प्रदेश में गोहत्या पर भी कड़ी सजा देने का फैसला 2020 में ही लिया गया। गोहत्या मामले में दोषी पाए जाने को 10 साल की सजा दी जाएगी। इसके साथ ही इस मामले में 5 लाख रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। यूपी में गोहत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे थे और तस्करी बढ़ती जा रही थी इसी पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया था।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति अभियान

प्रदेश महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए भी योगी सरकार ने मिशन शक्ति अभियान चलाया। जिससे महिलाओं और युवतियों को सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान की जा सके। मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योगी सरकार यह फैसला में काफी सुर्खियों में रहा।

बेहतर कानून व्यवस्था बनाने के लिए कमिश्नरी सिस्टम

सीएम योगी ने बेहतर कानून व्यवस्था बनाने के लिए यूपी में लखनऊ और नोएडा में 13 जनवरी 2020 को कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया था। एडीजी स्तर के अधिकारी पुलिस आयुक्त बनाया गया। साथ ही 9 एसपी रैंक के अधिकारी भी तैनात किए गए। योगी सरकार के इस कमिश्नरी सिस्टम के फैसले से लखनऊ और नोएडा की कानून व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।

लॉकडाउन में दूसरों राज्यों में फसे मजदूरों वापस लाई योगी सरकार

योगी सरकार ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए योगी सरकार ने गरीबों के लिए राशन की व्यवस्था की और मजदूरों को अपने घर वापस भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की और लोगों को घर पहुंचाया। इसके लिए सीएम में अप्रैल माह में टीम-11 गठन किया था। और टीम-11 में जनता का पूरा सहयोग किया। यहां तक की दूसरों राज्यों में फसे मजदूरों को भी अपने राज्य में योगी सरकार वापस ले आई।

लॉकडाउन के दौरान 35 लाख मजदूरों को दिया 1000 रुपए भत्ता

लॉकडाउन के दौरान जब लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए थे तो उन मजदारों की मदद के लिए योगी सरकार ने 35 लाख मजदूरों को 1000 रुपए भत्ता देने का फैसला लिया था। और साथ ही 15 किलो राशन भी उपलब्ध कराया था। ताकि बेरोजगार हुए लोग भी अपना जीवन यापन कर कोरोना महामारी का सामना कर सके। इसक बाद कई लोगों को योगी सरकार ने रोजगार भी दिया है।

पीजी करने के बाद डॉक्टरों को कम से कम 10 साल सरकारी अस्पताल में देनी होंगी सेवाएं

योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर करने के उद्देश्य से डॉक्टरों के लिए एक अहम् फैसला लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने पीजी करने के बाद डॉक्टरों को कम से कम 10 साल तक सरकारी अस्पताल में सेवाएं देनी होंगी। अगर कोई बीच में नौकरी छोड़ना चाहता है तो उसे एक करोड़ रुपये बतौर जुर्माना सरकार को देना होगा।

छेड़खानी व यौन अपराध करने वालों के शहरों में लगेंगे पोस्टर

सीएम योगी ने इस वर्ष महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों से छेड़खानी, दुर्व्यहार, अपराध, यौन अपराध करने वाले अपराधियों के चौराहों पोस्टर लगाने का फैसला लिया। सीएए की तर्ज पर ऐसे आरोपियों के फ़ोटो सार्वजनिक स्थल पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह व पुलिस विभाग के आला अफसरों को ऐसे अपराधियों से सख्ती से निपटने के भी निर्देश दिए थे। दुराचारियों और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।