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UP Temperature: मार्च में ही बढ़ी गर्मी, यूपी में जल्द 40 डिग्री पार कर सकता है तापमान

Heatwave-Like Conditions in March: उत्तर प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी तेज हो गई है। तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया है और मौसम विभाग के अनुसार जल्द ही कई जिलों में पारा 40 डिग्री पार कर सकता है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 06, 2026

मार्च में ही मई जैसी गर्मी, यूपी में जल्द 40 डिग्री पार करेगा तापमान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

मार्च में ही मई जैसी गर्मी, यूपी में जल्द 40 डिग्री पार करेगा तापमान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Temperature Update: उत्तर प्रदेश में मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर मार्च में हल्की गर्मी और सुहावना मौसम देखने को मिलता है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए 36 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है और यह जल्द ही 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रदेश में पछुआ हवाओं की रफ्तार कम हो जाएगी, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेश के कई जिलों में मार्च के पहले ही सप्ताह में भीषण गर्मी का एहसास होने लगेगा।

6 मार्च को प्रदेश भर में शुष्क मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक 6 मार्च को उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश के सभी 75 जिले फिलहाल ग्रीन जोन की स्थिति में हैं। आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और कहीं भी बादल छाए रहने या बारिश होने की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का अधिक एहसास होगा। खासकर दोपहर के समय धूप तीखी हो सकती है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 7, 8 और 9 मार्च को भी प्रदेश में मौसम लगभग ऐसा ही बना रहेगा।

पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम में बदलाव देखने को मिलता है और कहीं-कहीं बारिश भी होती है।

हालांकि इस बार इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर प्रदेश पर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क ही बना रहेगा और बारिश की संभावना लगभग नहीं के बराबर है। इसके साथ ही पछुआ हवाओं की गति में कमी आएगी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

मार्च में ही बढ़ने लगी गर्मी

आमतौर पर मार्च के महीने में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती है, लेकिन इस बार मौसम ने जल्दी ही करवट ले ली है। प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।हालांकि सुबह और रात के समय अभी भी हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच 20 डिग्री से अधिक का अंतर बना हुआ है। यही वजह है कि सुबह और रात में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा लगता है जबकि दिन में तेज गर्मी महसूस होती है।

तापमान में बड़े अंतर से बढ़ रही बीमारियों की आशंका

डॉक्टरों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में इतना अधिक अंतर होने के कारण लोगों के बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। इस समय सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और गले में संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग सुबह और रात के समय हल्के गर्म कपड़े पहनें और दिन में धूप से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें।

बांदा रहा सबसे गर्म जिला

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश का सबसे गर्म जिला बांदा रहा। यहां अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद झांसी में 35.1 डिग्री, आगरा में 34.4 डिग्री, हमीरपुर में 33.2 डिग्री और ओरई में 33 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का काफी अधिक एहसास हुआ।

नजीबाबाद रहा सबसे ठंडा इलाका

वहीं दूसरी ओर न्यूनतम तापमान के लिहाज से प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका नजीबाबाद रहा। यहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फतेहपुर में 14.2 डिग्री, बहराइच में 14.4 डिग्री, मुजफ्फरनगर में 15 डिग्री और आजमगढ़ में 15.2 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। इससे साफ है कि प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच काफी बड़ा अंतर बना हुआ है।

किसानों पर भी पड़ सकता है असर

मौसम में अचानक बढ़ रही गर्मी का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ सकता है। गेहूं और सरसों की फसल इस समय पकने की अवस्था में है। यदि तापमान तेजी से बढ़ता है तो इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को फसलों की सिंचाई और देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि अचानक बढ़ती गर्मी का असर कम किया जा सके।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के समय तेज धूप से बचने की कोशिश करें। विशेष रूप से दोपहर के समय बाहर निकलते समय सिर ढककर निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आगे और बढ़ सकती है गर्मी

मौसम विभाग के अनुसार यदि वर्तमान स्थिति बनी रहती है तो मार्च के मध्य तक प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। इससे गर्मी का असर और अधिक बढ़ जाएगा। फिलहाल मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना है और बारिश के आसार बेहद कम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के लोगों को बढ़ती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर इस बार मार्च की शुरुआत ने ही यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में गर्मी का असर काफी तेज रहने वाला है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर लोगों को मौसम से जुड़ी जानकारी और सलाह जारी कर रहा है।