
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. मौसम की तरह उत्तर प्रदेश का सियासी पारा भी धीरे-धीरे चढ़ता जा रहा है। सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी हो फिर अन्य विपक्षी दल, सभी ने मिशन 2022 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अपनी-अपनी जीत के दावे भी किये जा रहे हैं। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों का दावा 350-350 सीटें जीतने का है। बसपा और कांग्रेस नेता अपनी पार्टी की लहर बता रहे हैं। वहीं, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अगुआई में तैयार हो रहे भागीदारी संकल्प मोर्चा का दावा है कि यूपी में बिना उनके कोई सरकार नहीं बनने वाली। असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम, संजय सिंह की अगुआई में आम आदमी पार्टी और शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया यूपी में जीत की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
बीते दिनों एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी में फिर से बीजेपी की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा था कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 350 सीटें जीतेगी। वहीं, गुरुवार को झांसी पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी विस चुनाव में सपा 350 सीटें जीतने जा रही है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर जुबानी तीर छोड़े। कहा कि रामराज्य का सपना दिखाने वालों की पुलिस भ्रष्टाचार में फंसी हुई है।
Published on:
04 Mar 2021 07:29 pm

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