
पति से पीड़ित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणा की है
लखनऊ. पति से पीड़ित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणा की है। वह चाहे हिंदू महिला हो या फिर मुसलमान, सभी को राज्य सरकार 6000 रुपये प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता देगी। साथ ही सरकार ट्रिपल तलाक से पीड़ित महिलाओं का मुकदमा लड़ेगी। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में तीन तलाक प्रभावित महिलाओं से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं की तरह हिंदू परित्यक्ता महिलाओं को भी सरकार न्याय दिलाने का काम करेगी। सरकार ऐसे हिंदू पतियों को दंडित करने के लिए कानून बनाएगी, जो एक शादी कर दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री कहा कि तोड़ना बहुत आसान होता है, लेकिन जोड़ना कठिन है। हमारी लड़ाई सृजन की है। इसे आगे बढ़ाने के लिए ही हम सभी यहां उपस्थित हुए हैं। गाड़ी का एक पहिया पुरुष है तो दूसरा महिला। इसलिए पुरुष के विकास के साथ-साथ महिलाओं का विकास भी बेहद जरूरी है। समाज का कोई हिस्सा या कोई भी व्यक्ति खुद को उपेक्षित व अपमानित महसूस न करे, इसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए। आजादी के तत्काल बाद ही इस लड़ाई को लडऩा चाहिए था, लेकिन निजी स्वार्थ हेतु पिछली सरकारों ने ऐसा नहीं किया। संवाद के माध्यम से तीन तलाक का दंश झेल रही महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए यह एक छोटा सा प्रयास है। तीन तलाक पर कानून लाने के लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने सदियों से चली आ रही इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए संसद में कानून बनाया है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पिछले एक साल में 273 मामले आए थे। सभी में एफआइआर हुई। कहा कि इसलिए प्रमुख सचिव, गृह को यहां बुलाया गया है, ताकि वह इन सभी मामलों की खुद समीक्षा करें और जिन पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती है, उन पर भी कार्रवाई हो।
हिंदू परित्यक्त महिलाओं के लिए
- सालाना 6000 रुपए प्रतिमाह मिलेगा
- हिंदू परित्यक्ता महिलाओं को इंसाफ दिलाएगी योगी सरकार
- अवैध संबंध रखने वाले हिंदू पुरुषों के लिए भी दंड का प्रावधान होगा
- सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाएगी योगी सरकार
तीन तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के लिए
- सालाना 6000 रुपए प्रतिमाह मिलेगा
- नि:शुल्क मुकदमा लड़ेगी सरकार
- आवास, बच्चों की पढ़ाई और स्कॉलरशिप भी मिलेगी
- आयुष्मान योजना के तहत मिलेगा स्वास्थ्य कवर
- कल्याण के लिए विशेष योजना भी बनाई जाएगी
- शिक्षित महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था
- बीमा योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
- वक्फ की संपत्ति में भी लाभ देने की योजना
जानें- क्या बोलीं तीन तलाक पीड़ित महिलाएं
- रेशमा बानो ने कहा कि जब तक तीन तलाक पर कानून नहीं था जीने का आसरा खत्म हो रहा था। उसको बहाल करके रहने के लिए सरकार ने हमें घर दिया। अब ये कानून दिया। नहीं जानते कैसे हम धन्यवाद कहें।
- अमरोहा निवासी नेशनल खिलाड़ी सुमेरा जावेद ने कि उसने देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करने की कोशिश की, लेकिन महिला होने की वजह से घर की लड़ाई हार गई। अब सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को हक दिलाने का काम किया है। मांग है कि तलाकशुदा महिलाओं को नौकरी देने का प्रावधान किया जाए।
- गोंडा की हिना फातिमा ने कहा कि कुबूल.. कुबूल..कबूल.. करके अपनाते हैं और तलाक..तलाक..तलाक..बोलकर छोड़ देते हैं। कोर्ट कचहरी के चक्कर में महिलाओं का जीवन खराब हो जाता है। मुस्लिम महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए।
- आगरा की रूही फातिमा ने कहा कि उन्हें ससुराल वालों ने मार-पीटा। दहेज में पति को पैसा नहीं दिया तो उसने तलाक दे दिया। थाने गई तो पुलिस ने मुझसे दो लाख रुपये मांगे। डीएम से लेकर अन्य अधिकारियों से मिलने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
सिद्धार्थनगर की हसीना ने बताया कि उनके 2 बच्चे हैं, बावजूद उन्हें घर से निकाल दिया गया। पुलिस भी सुनवाई नहीं कर रही है। ऐसे में न घरवालों का आसरा और न ही कानून का। सरकार हमारी मदद करे।
Updated on:
25 Sept 2019 05:27 pm
Published on:
25 Sept 2019 05:24 pm
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