
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने कई विभागों को खत्म करने का फैसला लिया है। दरअसल एक ही तरह के काम के लिए बनाये गए अलग-अलग विभाग मर्ज कर दिए जायेंगे जिससे काम में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा और बाधाएं दूर होंगी। इस निर्णय के लागू हो जाने के बाद अफसरों व मंत्रियों की संख्या भी कम होगी, जिससे सरकार पर खर्च का बोझ घटेगा। योगी सरकार ने नीति आयोग की सलाह पर इस फैसले को लागू करने के लिए तीन महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। यूपी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और उनसे जुड़े महकमों को एक करने का निर्णय लिया है। यूपी सरकार क्रमवार रूप से 39 विभाग खत्म किये जायेंगे।
स्वास्थ्य विभाग में चार विभागों का मर्जर हुआ
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य से संबंधित चार विभागों को एक किये जाने की योजना यूपी सरकार ने तैयार कर ली है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य से संबंधित चार विभागों चिकित्सा एवं स्वास्थ्, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण और मातृ एवं शिशु कल्याण को एक करने पर सहमत हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस निर्णय को लागू करने के लिए जून-जुलाई में नीति आयोग को जिम्मेदारी दी थी। प्रदेश सरकार को इस नियम को लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया था। नीति आयोग की पिछले दिनों हुई बैठक में भी इस बात पर चर्चा हुई है।प्रदेश में इस वर्ष के अंत तक स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चारों विभागों को जोड़कर एक कर दिया जाएगा।
जीआरपी को जिला पुलिस में मर्ज किया जाएगा
उत्तर प्रदेश में जीआरपी को जिला पुलिस में समायोजित करने को लेकर डीजीपी ने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। इस बात की तैयारी चल रही है कि 1862 के पुलिस एक्ट में बदलाव करते हुए जीआरपी के थाने भी जिले के पुलिस कप्तान के अधीन कर दिए जाएं। प्रस्ताव तैयार करने के लिए एडीजी रेलवे की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में आईजी कानून-व्यवस्था और आईजी लखनऊ जोन सदस्य होंगे। यह कमेटी मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, हैदराबाद और चेन्नई जाकर रेलवे और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय के तौर-तरीकों का अध्ययन करेगी।
अफसरों की संख्या भी सीमित करने की कवायद
इस निर्णय के लागू हो जाने के बाद अफसरों की संख्या भी सीमित करने में मदद मिलेगी। विभागों के मर्ज होने के बाद बचे अफसरों की उन विभागों में तैनाती की जाएगी, जिनमें अफसरों की पूर्व में कमी रही है। आईएएस अफसरों की कमी को दूर करने में भी इससे मदद मिलेगी और कई ऐसे विभागों में अफसरों की तैनाती हो सकेगी, जहां अफसरों की कमी के कारण पदों पर तैनाती में कठिनाई आ रही है। इन विभागों के कर्मचारियों को भी इसी तरह एडजस्ट किया जाएगा।
अब प्रदेश सरकार के आधीन होंगे सिर्फ 500 अफसर
प्रदेश में विभागों एक मर्जर के बाद बिना काम के अफसरों को काम मिल जायेगा और सरकार पर नौकरशाही का बोझ भी कम होगा। गन्ना, सूखा राहत, कृषि, कृषि अनुसंधान, समाज कल्याण जैसे कई विभाग हैं जिनके काम वर्तमान में बेहद जटिल तरीके से अंजाम दिए जा रहे हैं। एक ही तरह के कामों के लिए अलग-अलग विभाग और अलग-अलग दफ्तर बनाये गए हैं। माना जा रहा है कि एक तरह के विभागों को मिला देने के बाद वर्तमान में 82 विभागों की संख्या घटकर 50 से नीचे आ जाएगी। निर्णय लागू के बाद प्रदेश सरकार के अधीन सिर्फ 500 अफसर रहेंगे जो सारे विभागों से लेकर प्रशासनिक कामकाज तक को संभालेंगे।
वाणिज्य टैक्स, मनोरंजन टैक्स विभाग में भर्ती नहीं होंगी
जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश सरकार के वाणिज्य और मनोरंजन कर विभागों में नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। प्रदेश सरकार इन विभागों में तैनात कर्मचारियों और अफसरों को भी अन्य विभागों में भेजने की तैयारी कर रही है। क्रमवार रूप से इन्हें शिफ्ट करने के बाद कर्मचारियों और अफसरों का काफी बोझ सरकार के ऊपर से कम होगा और खर्चे में भी बचत होगी।
Published on:
10 Nov 2017 02:01 pm
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