Yogi Cabinet Expansion: यूपी में योगी सरकार का मंगलवार की शाम दूसरा कैबिनेट विस्तार हो गया। दारा सिंह चौहान समेत 4 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। आइए जानते हैं दारा सिंह चौहान के राजनीतिक सफर के बारें में...।
Yogi Cabinet Expansion: योगी सरकार 2.0 का पहला कैबिनेट विस्तार मंगलवार की शाम 5.0 बजे हो गया। सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर (OP Rajbhar), एमएलसी दारा सिंह चौहान (MLC Dara Singh Chauhan) , आरएलडी विधायक अनिल कुमार (Anil Kumar) और बीजेपी विधायक सुनील शर्मा (Sunil Sharma) को राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। नए मंत्रियों में दो भाजपा और दो सहयोगी दलों के हैं।
ओपी राजभर, दारा सिंह चौहान और अनिल कुमार को कैबिनेट पद की शपथ दिलाई गई। सुनील शर्मा को राज्यमंत्री बनाया गया है। योगी 2.0 सरकार का यह दूसरा कैबिनेट विस्तार है। अब योगी के मंत्रिमंडल में 56 मंत्री हो गए हैं। फिलहाल मंत्रिमंडल में चार मंत्रियों की जगह अब भी खाली है।
योगी सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के एमएलसी दारा सिंह चौहान का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। बीते दिनों ही उन्होंने पार्टी ने दिनेश शर्मा (Dinesh Sharma) की जगह खाली हुई सीट पर प्रत्याशी बनाकर विधान परिषद भेजा था। हालांकि, इससे पहले घोसी उपचुनाव में दारा सिंह चौहान को हार का सामना करना पड़ा था।
बसपा से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले दारा सिंह चौहान सपा में अधिक समय तक नहीं टिक पाए। उनका जन्म 25 जुलाई 1963 को आजमगढ़ के गलवारा में हुआ था। 12 वीं पास दारा सिंह शुरुआती दिनों से ही राजनीतिक में सक्रिय हो गए थे। उन्होंने बसपा (BSP) का दामन थाम करके पार्टी के लिए काम करना शुरू कर दिया। पार्टी ने उनके तेवर को पहचाना और उनका कद तेजी से बढ़ने लगा।
पूर्वांचल में राजनीतिक पकड़ को देखते हुए बसपा ने पहली बार साल 1996 में दारा सिंह चौहान को राज्यसभा सदस्य बनाया। साल 2000 में एक बार फिर से वे राज्यसभा सदस्य बने। राज्यसभा की सदस्यता से रिटायर होने के बाद साल 2009 में उन्होंने बसपा के टिकट से घोसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। साल 2014 लोकसभा चुनाव में दारा सिंह चौहान बीजेपी के हरिनारायण राजभर से चुनाव हार गए। इसके बाद 2015 में वह बीजेपी शामिल हो गए थे।
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें मधुबन विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में वन, पर्यावरण एवं प्राणी उद्यान मंत्री बने। हालांकि, 2022 विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़कर सपा में शामिल हो गए। सपा ने उन्हें घोसी सीट से उम्मीदवार बनाया और एक बार फिर जीत दर्ज की।
हालांकि, बाद में उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी के टिकट पर उन्होंने उपचुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें MLC बनाकर विधान परिषद भेजा और आज यानी मंगलवार को एक बार फिर योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं।