
Women hospital
रायबरेली. जिला अस्पताल काफी वर्षों से यहां की जनता को काफी लोगों की जान बचाने में कामयाब हुआ है। और यहां की जनता को जिला अस्पताल से काफी उम्मीदें भी रहती हैं। ज्यादातर आम गरीब जनता को। इसके अलावा सीएचसी-पीएचसी भी कुछ हद तक महिलाओं और पुरुषों का सुविधा देते हैं। लेकिन अब सरकार ने महिलाओं के लिए एक नया 100 बेड का मैटरनिटी विंग भी तैयार करवा दिया है।
महिला अस्पताल में सीमित बेडों के चलते समस्याओं से जूझ रही प्रसुताओं के लिये एक अच्छी खबर है। देर से ही सही अस्पताल परिसर में निर्माणधीन सौ बेड के मैटरनिटी विंग का काम अक्टूबर माह में पूरा होने की सम्भावना है। मैटरनिटी विंग में स्टाफ के लिए शासन से पत्राचार शुरु कर दिया गया है। इसके खुलने से एक ही छत के नीचे सभी जांच, प्रसव और बच्चों के इलाज की सुविधा मिलने लगेगी।
जिला अस्पताल परिसर में 19.55 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस महिला अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च 2014 में एनआरएचएम से मैटरनिटी विंग के लिये बजट मिला। मार्च 2016 में निर्माण कार्य पूर्ण होना था। दो बार समयावधि बढ़ाई जा चुकी है। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में विंग का काम पूरा करने का दावा कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने जिले के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य सचिव इफितखारुददीन से किया है। पांच मंजिला मैटरनिटी विंग में सौ से अधिक महिला रोगियों के भर्ती होने की सुविधा होगी। हर मंजिल पर अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
महिलाओं को मिलेंगी ये सुविधाएं
महिला अस्पताल में अभी तक प्रसूताओं की सामान्य जांच ही हो पाती हैं। अल्ट्रासाउंड के लिये एक मशीन है और प्रतिदिन लगभग एक सैकड़ा प्रसूताएं जांच के लिए आती हैं। बेडों की संख्या भी सीमित है और मूलभूत संसाधनों का भी टोटा है, लेकिन मैटरनिटी विंग में इससे बिलकुल अलग अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
ये होंगी सुविधाएं
-इमरजेंसी रुम होगा।
-छह बेड का आइसीयू वार्ड
-तीन लेबर रुम और तीन आपरेशन थियेटर
-दस बेड का प्राइवेट वार्ड
-102 बेड का जनरल वार्ड
-नवजात बच्चों के लिये 15 बेड का पेडियाट्रिक वार्ड
-महिलाओं के लिए आठ बेड का एएनसी वार्ड भी होगा।
किस मंजिल में कौन सी सुविधा मिलेगी
ग्राउंड फलोर में ओटी ब्लाक, पंजीयन, अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक के साथ ही टीकाकरण, फार्मेसी और ओपीडी के पांच कक्ष होंगे। पहले फलोर में दूसरा आपरेशन थियेटर और 38 बेड का वार्ड होगा। दूसरे फलोर पर 10 बेड का प्राइवेट वार्ड और 33 बेड का सामान्य वार्ड होगा। साथ ही छह बेड का आइसीयू भी इसी मंजिल पर होगा। तीसरे फलोर पर 54 बेड का सामान्य वार्ड बनाया जाएगा। चौथे फ्लोर पर लेबोरेटरी, चार कंसल्टेंट चिकित्सक कक्ष, ट्रेनिंग हाल, सेमिनार हाल, आशा रुम व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का आफिस होगा। सीएमओ डाक्टर डीके सिंह का कहना है कि कार्य करने वाली संस्था ने अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में इस बिंिल्ंडग को हैंडओवर करने की बात मानी जा रही है। चिकित्सकीय स्टाफ की तैनाती के लिए शासन स्तर पर मांग की गई है और हो सकता है जल्द पूरा भी हो जायेगा।
Published on:
23 Aug 2017 05:49 pm
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