
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने रामपुर हिंसा में दलित युवक की माैत पर सख्त कारवाई की। मिलक क्षेत्र में बाबा साहेब आंबेडकर की फोटो वाली होर्डिंग लगाने पर 2 पक्षों में विवाद शुरू हो गया। मामले में एक दलित युवक की गोली लगने से मौत हो गई। 2 अन्य लोग घायल हो गए। योगी सरकार ने एसडीएम (SDM) और सीओ (CO) सहित 4 अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। एसडीएम और तहसीलदार के साथ तैनात एक-एक होमगार्ड को मिलाकर 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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मिलक थाना क्षेत्र के सिलईबाड़ा गांव में दलित समाज के लोगों ने ग्राम समाज की जमीन पर बाबा साहेब आंबेडकर की होर्डिंग लगाई। इस जमीन पर प्रतिमा लगाने की थी तैयारी थी। गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। प्रशासन से भी इसकी शिकायत की।
27 फरवरी की शाम को स्थानीय तहसीलकर्मी के साथ ही पुलिस की टीम और घटनास्थल पर पहुंचे। अवैध कब्जा हटाने लगे। दलित समुदाय और दूसरे पक्ष के बीच इसी दौरान विवाद शुरू हो गया। विवाद देख्ते ही देखते हिंस हो यगा, जिसमें गोली तक चला दी गई। गोली लगने से एक दलित युवक सोमेश की मौत हो गई। 2 लोग घायल हो गए।
वारदात में मारे गए किशोरे के घर वालों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हुई है। मामले में कार्रवाई करते हुए मिलक तहसील के एसडीए अमन देवल को रामपुर एसडीएम जोगिंदर सिंह ने हटाया है। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने भी गई अधिकारियों को हटा दिया है।
वारदात में मारे गये किशोर के परिजन ने आरोप लगाया है कि पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हुई है। सूत्रों के अनुसार मामले में कार्रवाई करते हुए मिलक तहसील के उप जिलाधिकारी अमन देवल को रामपुर के जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह ने हटाया है। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने भी कई अधिकारियों को हटा दिया है।
संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी कीर्ति निधि आनन्द
मिलक के थाना प्रभारी निरीक्षक अनुपम शर्मा
चौकी प्रभारी दारोगा सुरेन्द्र
Published on:
01 Mar 2024 03:38 pm
