
लखनऊ. उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से ट्वीट किया गया है। जानकारी के मुताबिक आरोपी प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बस्ती (Basti) के तत्कालीन अधिशासी अभियंता आलोक रमन (Alok Raman) द्वारा 43.95 करोड़ रुपए के अनाधिकृत व्यय का गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप था।
इस प्रकरण में जांच के बाद आरोप सिद्ध (साबित) हो गए हैं। रिपोर्ट में इस अनाधिकृत खर्च से इनकार नहीं किया गया है। रिपोर्ट में व्यवस्थाओं के विपरीत कार्य कर गंभीर वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई है। इस पर सीएम योगी ने आलोक रमन को बर्खास्त करने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया है कि अगर इनके कृत्य से किसी प्रकार की शासकीय क्षति हुई हो तो उसकी वसूली भी सुनिश्चित की जाए।
योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही कर वाराणसी, गाजियाबाद के संभागीय परिवहन अधिकारी निलंबित कर दिया है। वहीं एक अन्य मामले में सरकार द्वारा सर्वेश सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) वाराणसी और अमित राजन राय, तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), वाराणसी संप्रति सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तृतीय दल, गाजियाबाद को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें झारखंड का फर्जी पंजीयन प्रमाणपत्र पेश कर वाहनों की चेचिस पर बॉडी बनाकर पंजीयन कराए जाने, फिटनेस फीस जमा ना कराए जाने और वाहनों का निरीक्षण प्रपत्रों के प्रस्तुतीकरण के समय से न किए जाने को लेकर निलंबित किया गया है।
विधिक प्रक्रियाओं का नहीं किया पालन
इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते समय विधिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने पर कैलाश नाथ सिंह, सहायक परिवहन अधिकारी (प्रशासन), अम्बेडकरनगर को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
Published on:
15 Feb 2020 10:43 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
