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वाह रे योगी की पुलिस, कप्तान और सीओ की भी नहीं सुनते हैं ये

एसपी और सीओ के आदेश पर भी 15 दिन बाद नहीं दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट।

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SP Office Gonda

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गोण्डा. हर पीडि़त से पुलिस मित्रवत व्यवहार करें, सभी पीडि़तों की रिपोर्ट दर्ज कर उसे न्याय प्रदान करे। गोण्डा पुलिस के लिए ये किस्से कहावत जैसे हैं। पीडि़तों को न्याय देने को कौन कहे उनसे ठीक मुंह से बात तक नहीं की जाती है।
जिले के केवल एक थाने की बात नहीं है। बल्कि सभी थानों पर थानाध्यक्ष अपने रुचि के मुताबिक ही रिपोर्ट को प्राथिमिक्ता देते हैं या फिर जिस मामले में उनकी स्वार्थपूर्ति हो उसे बिना देर किए रिपोर्ट ही नहीं बल्कि गिरफ्तारी भी कर लेते हैं।
हम बात करते हैं नगर कोतवाली की। कोतवाली क्षेत्र में बीते 31 जुलाई को मंडी में गल्ला बेचने आ रहे कुछ किसान अन्य किसानों की तरह कुछ अराजकतत्वों का शिकार हो गए, तो 1 अगस्त को तहसील दिवस और नगर कोतवाली में लूट और ठगी की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए किसान अरविंद कुमार और नानबाबू निवासी इटियाथोक ने तहरीर दिया और दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक से मिलकर एक प्रार्थनापत्र रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दिया।।

पुलिस अधीक्षक उमेश सिंह ने शिकायत की जांच कर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर भरत लाल यादव को दिया, जिनके जांच में प्रकरण सत्य पाया गया ,सीओ ने शनिवार 4 अगस्त को बयान दर्ज कर मुकदमा दर्ज करने के लिये नगर कोतवाली को आदेश कर आदेश की प्रति भी कोतवाली को प्राप्त करा दिया, लेकिन पीडि़त जब दो दिन के बाद कोतवाली से संपर्क किया तो बताया गया कि ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। इसकी जानकारी जब सीओ को दी गयी तो वो अपना माथा पीटने लगे और कोतवाली में फोन कर खरा खोटा सुनाया। तब जाकर पता चला कि शिकायती पत्र जिस पर रिपोर्ट लिखने को आदेश हुआ था उसे बडग़ांव चौकी पर भेज दिया गया है। फिर हाल 15 दिन के बाद भी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है।
यह पहला मामला नहीं है
बीते 2 अगस्त को कौशल प्रसाद निवासी खैरा नगर कोतवाली ने भी अपने बच्चे के साथ एक विद्यालय द्वारा धोखाधड़ी को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा- तो इस शिकायत को भी पुलिस क्षेत्राधिकारी को जांच कर रिपोर्ट लिखाने के लिये निर्देश दिया। इस प्रकरण में भी सीओ ने जांच कर पीडि़त का बयान दर्ज कर मुकदमा दर्ज करने के लिए नगर कोतवाली को भेजा, लेकिन इस प्रार्थना पत्र और सीओ, एसपी के आदेश का कोई अता पता तक नहीं है। इस तरह के कितने प्रार्थना पत्र रद्दी की टोकरी में विपक्षियों से सौदा तय कर डाल दिये ये तो नगर कोतवाल व यहां का स्टाफ ही बता सकते हैं।
क्षेत्रधिकारी नगर भरत लाल यादव ने बताया कि हर स्तर पर पत्र रजिस्टर मे पंजीकृत है मिसिंग है, मिलते ही रिर्पोट दर्ज होगा या दूसरा तहरीर लेकर रिर्पोट दर्ज की जायेगी।