
योगी आदित्यनाथ सरकार आगामी पंचायत चुनावों में महिला और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं पास शैक्षिक तय कर सकती है।
लखनऊ. UP Panchayat Chunav 2020. अगर आठवीं पास नहीं हैं और दो से अधिक बच्चे हैं तो इस बार से आप पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह व्यवस्था त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत) में लागू होगी। योगी आदित्यनाथ सरकार आगामी पंचायत चुनावों में महिला और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं पास शैक्षिक तय कर सकती है। साथ ही दो से ज्यादा बच्चे वालों (Two Children Policy) की उम्मीदवारी को पंचायत चुनाव (Uttar Pradesh Pradhan Chunav) में अयोग्य घोषित किया जा सकता है। हालांकि, विपक्षी दलों के विरोध के बीच इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेना है। राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्य पहले ही इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर चुके हैं।
25 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि, कोरोना महामारी के चलते योगी सरकार अगले वर्ष जून माह (June 2021) तक पंचायत चुनाव करा सकती है। इस दौरान प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनावों को लेकर यूपी सरकार उम्मीदवारी को लेकर बड़े बदलाव कर सकती है।
..तो नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव
आगामी पंचायत चुनाव में दो से ज्यादा बच्चों वाले दावेदारों को भी झटका लग सकता है। सूत्रों की मानें तो अगले पंचायत चुनाव में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में यह फैसला सरकार का एक बड़ा कदम होगा।
अब अनपढ़ नहीं बनेंगे ग्राम प्रधान
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने की तैयारी है। चाहे वह महिला हो या फिर आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार सभी को आठवीं पास होना जरूरी होगा।
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Updated on:
02 Sept 2020 01:19 pm
Published on:
02 Sept 2020 01:07 pm
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