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कानपुर ट्रेन हादसे के आतंकियों को लिया रिमांड पर, कड़ी पूछताछ

मोतीलाल पासवान समेत गिरफ्तार तीनों युवकों को पुलिस ने छ: दिनों की रिमांड पर लिया है...

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Shribabu Gupta

Jan 18, 2017

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मोतिहारी। मोतीलाल पासवान समेत गिरफ्तार तीनों युवकों को पुलिस ने छ: दिनों की रिमांड पर लिया है। पुलिस, एटीएस, रॉ और एनआईए की टीम यहां इनसे सघन पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस ने इन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार मोतीलाल पासवान ने कानपुर ट्रेन हादसे समेत कई विस्फोटों में आईएसआई की साजिश का खुलासा किया था।

कानपुर के पुखराया में २० नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन आतंकी साजिश की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ सामने आया है। नेपाल और सउदी में बैठे एजेंटों की मदद से आईएसआई ने इसे अंजाम दिया था। मोतिहारी से तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था। बिहार एटीएस समेत कई एजेंसियां जांच में जुटी हैं।

पूर्वी चंपारण के एसपी जितेन्द्र राणा ने बताया कि सीमा से पकड़े गए मोतीलाल पासवान से कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। कानपुर ट्रेन हादसे में मोती सक्रिय रूप से शामिल था। इससे पहले पूर्वी चंपारण में भी उसने ट्रैक उड़ाने की साजिश रची थी।

इस आतंकी साजिश का खुलासा पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन में १ अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर मिले प्रेशर कूकर बम की तहकीकात के दौरान हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसे भी ट्रैक को उड़ाने के लिए लाया गया था। इसकी जिम्मेदारी उमाशंकर, दीपक और अरूण नाम के तीन युवकों को आईएसआई के नेपाल में बैठे एजेंट ने अपने शागिर्दों के जरिए दी थी। हालांकि घटना से ठीक पहले युवकों को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंनें वारदात को अंजाम नहीं दिया। इसके बाद तीनों मोबाइल बंद कर वहां से चले गए।

दो संदिग्ध की पहचान
वकील एसपी मोती ने कानपुर हादसे के मामले में दिल्ली से गिरफ्तार जियाउर व जुबैर की फोटो से पहचान की है। बताया कि दोनों उसके साथ कानपुर की घटना में शामिल थे। मोती से पूछताछ के लिए एनआईए, रॉ और आईबी की टीम मोतिहारी आ चुकी है। वहीं नेपाल में उसके तीन साथी बृजकिशोर, मुजाहिदीन अंसारी और शंभू गिरि को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही मोती और उसके दो साथी पकड़े गए हैं।

दुबई में हैं एजेंट शमशुल
ट्रेन हादसों की साजिश में शमशूल होदा नामक के आईएसआई एजेंट की भूमिका सामने आई है। वह नेपाल की नागरिकता ले चुका है। उसने नेपाल के आईएसआई एजेंट का संपर्क बृजकिशोर गिरी उर्फ परमेश्वर गिरी से कराया था। परमेश्वर नेपाल में बैठे आईएसआई एजेंट और भारत के बेरोजगार युवकों के बीच कड़ी है। परमेश्वर ने ही मोती व उसके साथियों को आतंकी घटनाओं के लिए तैयार किया था। नेपाल के एजेंट के नाम का खुलासा गिरफ्तार युवक नहीं कर पा रहे।

नेपाल में करवा दी गई थी दो की हत्या
घोड़ासहन में सफल नहीं होने पर आईएसआई के एजेंट ने अपने लोगों के जरिए युवकों को नेपाल बुलवाया। उमाशंकर तो नहीं गया पर दीपक व अरूण खाने-पीने के नाम पर वहां चले गए। राजफाश न हो इसके लिए दोनों को आईएसआई एजेंट ने हत्या करवा दी।

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