
अमेरिका और जापान से अधिक मोबाइल डेटा यूज कर रहे भारतीय (सांकेतिक फोटो)
Mobile Data Record Consumption: भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। डेटा यूज करने के मामले में भारत विकसित देश अमेरिका और चीन से भी आगे निकल चुका है। भारतीय स्मार्टफोन यूजर (Smartphone User) हर महीने औसतन 37GB मोबाइल डेटा खर्च कर रहे हैं। आकड़े के हिसाब से प्रत्येक व्यक्ति हर रोज करीब 1.23 GB डेटा की खपत कर रहा है। आने वाले समय में डेटा की खपत और बढ़ेगी। इसके अलावा साल 2031 तक देश में 5G यूजर्स की संख्या 111 करोड़ के पार हो जाएगी।
स्वीडिश कंपनी एरिक्सन की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2031 तक भारत के कुल मोबाइल उपभोक्ताओं में से करीब 81% लोग 5G इंटरनेट का प्रयोग करेंगे। देश के कोने-कोने तक इंटरनेट की पहुंच बढ़ी है। इससे डेटा की खपत में भी इजाफा हुआ है। 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) तकनीक का ज्यादा विस्तार हो रहा है। अब लोगों को बिना केबल या वायर के ही फास्ट WI-FI की सुविधा मिल रही है।
रिपोर्ट्स से ये भी पता चलता है कि दुनियाभर में 5G सब्सक्रिप्शन की संख्या पहली बार 300 करोड़ के पास पहुंच गई है। सिर्फ मार्च 2026 तिमाही के दौरान ही 16.2 करोड़ नए 5G यूजर्स जुड़े हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का एक आम स्मार्टफोन यूजर हर महीने करीबे 22GB डेटा का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि भारत में यह 37GB है। यानी भारतीय लोग वैश्विक औसत से करीब 68 प्रतिशत ज्यादा डेटा का प्रयोग का प्रयोग कर रहे हैं। अनुमान है कि साल 2031 तक हर भारतीय महीने में करीब 70GB डेटा का इस्तेमाल करेगा, जबकि वैश्विक स्तर पर औसत खपत 42GB होगी।
भारत में 5G का तेजी से विस्तार हो रहा है। बीते साल 2025 में देश में कुल 43 करोड़ 5G यूजर रिकॉर्ड किए गए थे। साल 2031 तक यह संख्या 111 करोड़ तक पहुंच सकती है। वहीं दुनिया में जितने भी लोग मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, उनमें से करीब आधे लोगों ने अब 4G छोड़कर 5G कनेक्शन ले लिया है। हालांकि 4G नेटवर्क का अभी भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।
भारत के अलावा दुनिया के अन्य देशों में भी तेजी से 5G उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। साल 2026 के शुरुआती 3 महीनों यानी जनवरी से लेकर मार्च तक ही पूरी दुनिया में 5G यूजर्स की कुल संख्या 300 करोड़ के पार पहुंच गई। इन्हीं 3 महीनों के दौरान 16 करोड़ 20 लाख नए लोगों ने भी 5G को चुना। साल 2031 तक इसमें और भी इजाफा होगा। इस हिसाब से साल 2031 तक पूरी दुनिया में करीब 600 करोड़ 5G यूजर्स हो सकते हैं।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय की ओर से जून 2026 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के लोग सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा खर्च करते हैं। गुजरात में प्रत्येक आदमी एक महीने में 28.5GB डेटा खर्च करता है। डेटा खर्च करने में बिहार राज्य दूसरे स्थान पर है। बिहार में प्रति व्यक्ति महीने में 24.2GB डेटा खर्च करता है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति एक महीने में 23.9GB, तमिलनाडु में 23.7GB, महाराष्ट्र में 23.3GB, कर्नाटक में 21.8GB, हरियाणा में 21.1GB और दिल्ली में 14.9GB डेटा खर्च करता है।
लोगों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए टेलीकॉम कंपनियां तेजी से काम कर रहीं हैं। पहले 5G नेटवर्क पुराने 4G टावरों और इंफास्ट्रक्चर के ही सहारे था। इस व्यवस्था को नॉन स्टैंडअलोन के नाम से जाना जाता था। अब इसमें काफी बदलाव आया है। अब कंपनियां 5G के लिए नया इंफास्ट्रक्चर विकसित कर रहीं है। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 5G सेवा के विस्तार के लिए तेजी से इंफास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इससे ग्राहकों को कई प्रीमियम सुविधाएं मिल रहीं हैं।
दुनियाभर में 390 से अधिक इंटरनेट और मोबाइल कंपनियों ने 5G सेवा की शुरुआत की है। इनमें से 90 कंपनियां इस सेवा के लिए एकदम नए इंफास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहीं हैं। साल 2025 में पूरी दुनिया में जितने भी मोबाइल डेटा का इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए किया गया, उसका करीब 48% हिस्सा 5G नेटवर्क से ही चला। साल 2031 तक यह बढ़कर 85% हो जाएगा।
आने वाले समय में 4G नेटवर्क काफी पुराना हो जाएगा। पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका, उत्तर-पूर्वी एशिया के चीन-जापान जैसे देशों में साल 2031 तक प्रत्येक 10 में 9 लोग 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो जाएंगे। यानी इन देशों में 90% से ज्यादा 5G यूजर होंगे। सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब टेलीकाम कंपनियां सभी यूजर्स को एक ही तरह के इंटरनेट कनेक्शन देने से बच रहीं हैं। वे ग्राहकों की जरूरत के अनुसार, अलग-अलग सेवाएं दे रहीं हैं।
अब टेलीकाम कंपनियां इंटरनेट स्पीड के हिसाब से चार्ज ले रहीं हैं। कम स्पीड वाले इंटरनेट के लिए कम रुपएदेने होते हैं। स्पीड अधिक होने पर ज्यादा चार्ज पड़ता है। बिना केबल के घर-आफिस तक 5G इंटरनेट पहुंचाने वाली फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) का चलन बढ़ा है। ऐसी सेवाएं देने वाली कंपनियों का शेयर जून 2025 में 57% था। अब यह 71% पर पहुंच गया है। पिछले 4 साल में यह बड़ी बढ़त है।
पहले के इंटरनेट यूजर ज्यादातर वीडियो डाउनलोडिंग करने, ऑनलाइन फिल्में देखने, ऑफिस के कामों के लिए जानकारी जुटाने आदि के लिए ही इंटरनेट का प्रयोग करते रहे हैं। अब यूजर्स के व्यवहार में काफी बदलाव आया है। अब लोग स्मार्टफोन ऐप्स का इस्तेमाल करने, सोशल मीडिया पर खुद की रील्स-वीडियो अपलोड करने आदि के लिए डेटा का इस्तेमाल करने लगे हैं। साल 2031तक अपलोडिंग 3 गुना तक बढ़ सकती है।
Updated on:
19 Jul 2026 05:22 pm
Published on:
19 Jul 2026 05:19 pm
