
घायल पशुओं के उपचार के लिए आई एम्बुलेंस बढ़ा रही शोभा, संचालन के नहीं है स्टॉफ
महासमुंद. सडक़ों पर हादसे में घायल हुए या बीमार पशुओं के त्वरित उपचार के लिए राज्य शासन से महासमुंद जिले को आवंटित गो-एम्बुलेंस दो महीने से पशु चिकित्सा विभाग परिसर की शोभा बढ़ा रही है। इसके लिए स्टॉफ भी नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि स्टॉफ की कमी है, लेकिन सूचना मिलने पर संबंधित पशु चिकित्सक को घटना स्थल पर भेजा जाता है।
यही नहीं, एम्बुलेंस की सुविधा के साथ टोल फ्री नंबर 1962 भी जारी किया गया है। प्रचार-प्रसार नहीं होने से अधिकतर पशुपालकों को इसकी जानकारी नहीं है। मवेशी जब सडक़ पर वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं, तब आने-जाने वाले घायल मवेशी को किनारे कर देते हैं।
अधिकतर लोगों को जानकारी नहीं होती कि विभाग ने टोल-फ्री नंबर जारी किया है और इस नंबर पर फोन करने पर घायल मवेशी को एम्बुलेंस की सहायता से इलाज की सुविधा नहीं मिल जाएगी। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से पशुओं की मौत भी हो जाती है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने 108 की तर्ज पर इस योजना की शुरुआत की है, लेकिन यह कारगर साबित होती नहीं दिख रही है।
अधिकारियों की मानें तो इस गो-एम्बुलेंस में पशु चिकित्सक के साथ दो अन्य तैनात रहेंगे। एम्बुलेंस में उपचार के लिए जरूरी दवाइयां भी रहेंगी। जैसे ही टोल फ्री नंबर में सूचना मिलेगी, तत्काल घटना स्थल पहुंचकर मवेशियों का उपचार करेंगे, लेकिन जानकारी के अभाव में ऐसा नहीं हो पा रहा है। हर दूसरे रोज कहीं न कहीं सडक़ दुर्घटना में मवेशियों के घायल होने की सूचना मिलती है। उचित उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है। कुछ लोग सहायता जरूर करते हैं।
सडक़ पर मवेशी कर रहे यातायात बाधित
शहर में आवारा मवेशियों की सडक़ों पर कब्जे ने राहगीरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर दिन-रात मवेशियों का कब्जा है। खासकर रात को सफर करना खतरनाक है। शहर के कुछ प्रमुख रास्तों में तेज आवाजाही के दौरान मवेशी यातायात में दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। आधी रात शहर के बरोंडा चौक, स्वामी चौक, अंबेडकर चौक सहित दर्जनभर रास्तों पर सडक़ों के दोनों ओर बैठे रहते हैं। लिहाजा, रात को वाहन चालकों को मवेशियों के बैठे रहने से वाहन चलाने में परेशानी होती है।
पशु चिकित्सा महासमुंद के उप संचालक डॉ. धरमदास झारिया ने बताया कि पशुओं के उपचार के लिए गो-एम्बुलेंस मिली है। टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। स्टॉफ नहीं होने के कारण अभी एम्बुलेंस में अधिकारी व कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर पशुओं को उपचार मुहैया कराने टीम पहुंच जाती है।
Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर ..
CG Lok sabha election Result 2019 से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए Download करें patrika Hindi News
Published on:
06 Apr 2019 03:41 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
