
एक दिन की झड़ी शहर हुआ लबालब, प्रदेश में जारी हुआ रेड अलर्ट
महासमुंद. एक दिन की झमाझम बारिश ने शहर की कई बस्तियों में आफत बरसा दी। गली-मोहल्ले जलमग्न हो गए। कॉलोनियों में जगह-जगह छोटे तालाब बन गए हैं। कचरा भरा होने की वजह से बड़े नाले और छोटी नालियां, सब ओवरफ्लो हैं और गंदा पानी घरों में घुसने लगा है। सरकारी दफ्तरों के सामने तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। कनेकेरा के बघनई नदी पर २७ लाख की लागत से बना पुल पहली बारिश नहीं झेल पाया और सडक़ के साथ बह गया।
जिले के कई स्थानों पर रविवार की रात से सोमवार दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई। सोमवार की सुबह करीब ९ बजे झमाझम बारिश से पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग घर से बाहर निकल नहीं पाए। दुकानदार घरों में फंसे रहे। कई दुकानें दोपहर बाद खुलीं। सुबह दस बजे हालत इतनी खराब थी, गली-मोहल्लों में निकलना मुश्किल हो रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हुई। सुबह से गली-मोहल्लों में घुसा पानी शाम को उतरा। शहर के जिला शिक्षा कार्यालय और तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय परिसर में पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया। रायपुर रोड पर बारिश के कारण एक ट्रक सडक़ किनारे फंस गया।
बंगाल की खाड़ी और ओडिशा के आस-पास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा हवाओं में एक ऊपरी चक्रवात बना है। जिसकी वजह से सोमवार को अच्छी बारिश हुई। आगामी दिनों में रायपुर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। १९ जुलाई को भी एक इसी तरह का चक्रवात बनने की संभावना है।
अच्छी बारिश होने के बाद टाउन 1, 2, 3 फिडर में फाल्ट आ गया। जिससे शहर वासी परेशान रहे। एक फिडर में लोहानी बिल्डिंग के पास फाल्ट आया, वहीं महामाया मंदिर के पास टूट गया। सितलापारा में कालीमंदिर के पास पोस्ट इंसुलेटर उड़ गया। जिसकी वजह से शहर में घंटों बिजली बंद रही। बंद के दौरान लोग विद्युत कंपनी में शिकायत करते रहे। सोमवार को लगभग 45 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें व्यक्तिगत शिकायतें ज्यादा थीं। शहर में सोमवार को इमलीभाठा, स्टेशन रोड, मेन रोड, बीटीआई रोड, अटल विहार, क्लब पारा, रमन टोला, जल संसाधन कॉलोनी के आस-पास बिजली सुबह से बंद रही।
लंबे समय से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे, इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। अब खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आएगी। कृषि वैज्ञानिक की मानें तो इस बारिश से किसानों को राहत मिली है।
मूसलाधार बारिश से बागबाहरा विकासखंड के ग्राम आमाकोनी में पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। सोमवार को घंटों मार्ग अवरूद्ध हुआ। पुल के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई थी।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग छुरा व गरियाबंद जैसे शहरों को जोड़ता है। बारिश के दिनों में हमेशा ऐसी स्थिति बनी रहती है। लगातार बारिश होने से गांवों का संपर्क दो-तीन दिनों तक टूट जाता है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने रपटा पर पुल निर्माण के लिए सांसद, विधायक व स्थानीय नेताओं से मांग भी की थी। मार्च महीने में ही आमाकोनी नालों पर नया पुल निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 63 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। बताया जाता है कि नया पुलिया का निर्माण से करीब 20 गांवों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। विभागीय जानकारी के अनुसार इस पुल निर्माण के लिए प्राशासकीय स्वीकृति तो मिल चुकी है। इस पुल का निर्माण बारिश के बाद प्रारंभ होगा। पुलिया निर्माण के बाद आसपास के गांवों को आवागमन की सुविधा मिलेगी।
भू-अभिलेख व बाढ़ आपदा नियंत्रण प्रभारी अधीक्षक आदित्य कुंजाम ने कहा कितीन शिफ्ट में दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अभी ऐसी कोई सूचना नहीं आई है।
Published on:
17 Jul 2018 05:45 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
