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CG Assembly Eleection 2023 : डूबान क्षेत्र में आना लोगों के लिए बना अभिशाप

CG Assembly Eleection 2023 : जब झिलमिला गांव के रंगमंच के पास पहुंचे तो एक ग्रामीण मिला। उससे गांव के विकास का जिक्र किया तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना था न हमें धान की अंतर की राशि मिल रही है और न रोजगार गारंटी के तहत काम। चार साल से गांव में रोजगार गारंटी का काम ही नहीं हुआ। पहले रोजगार गारंटी के तहत काम किए, उसकी मजदूरी भी उन्हें नहीं मिली है।

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CG Assembly Eleection 2023 : डूबान क्षेत्र में आना लोगों के लिए बना अभिशाप

CG Assembly Eleection 2023 : डूबान क्षेत्र में आना लोगों के लिए बना अभिशाप

CG Assembly Eleection 2023 : जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूरी पर बसा ग्राम पंचायत नवागांव का आश्रित आदिवासी बाहुल्य ग्राम झिलमिला। यहां की आबादी तकरीबन 350 है। इस गांव के लोगों के भविष्य पर लगा डूबान क्षेत्र का ठप्पा एक अभिशाप बन गया है। यहां कई योजनाएं पहुंची भी नहीं हैं। जब झिलमिला गांव के रंगमंच के पास पहुंचे तो एक ग्रामीण मिला। उससे गांव के विकास का जिक्र किया तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना था न हमें धान की अंतर की राशि मिल रही है और न रोजगार गारंटी के तहत काम।

चार साल से गांव में रोजगार गारंटी का काम ही नहीं हुआ। पहले रोजगार गारंटी के तहत काम किए, उसकी मजदूरी भी उन्हें नहीं मिली है। गुहार लगाते थक गए। कहीं सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो अब गुहार लगाना भी छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव के वक्त जनप्रतिनिधि वोट मांगने आते हैं। उसके बाद गांव को अपने हाल पर छोड़ देते हैं।

गांव वालों ने बताया अपना दुख

झिलमिला के केशरीचंद्र ध्रुव ने बताया कि हमें दो साल से धान की अंतर राशि नहीं मिली है। शोभाराम धु्रव ने बताया कि पीएम आवास 8-10 स्वीकृत हुआ है। बाकी कोई काम नहीं हुआ है। रोजगार गारंटी का पैसा पांच साल से नहीं मिला है। कलेक्टोरेट व जनपद में जाते हैं। फिर भी कोई ध्यान नहीं देता। भानुप्रताप दीवान ने कहा कि धान बेचने के बाद हमें दो साल से बोनस नहीं मिला। रोजगार गारंटी के तहत काम नहीं चल रहा है। काम किए उसका भी पैसा नहीं मिला है।

सूख गए तालाब

ग्राम झिलमिला में दो तालाब हैं। एक नवातालाब व दूसरा टांगातालाब। अभी दोनों तालाब पूरी तरह से सूख गए हैं। ग्रामीणों का कहना था कि गहरीकरण होता तो पानी ठहरता। तालाब सूख जाने से बांध ही ग्रामीणों का सहारा है। दोनों तालाब में पांच साल पहले रोजगार गारंटी के तहत काम हुआ था। उसकी मजदूरी अभी तक नहीं मिली है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग यह है कि लिफ्ट इरीगेशन की सौगात मिल जाती तो अपनी फसलों को बचा लेते। ओड़ार के बच्चे पढऩे आते हैं

गांव में स्कूल भी नहीं

झिलमिला नवागांव का आश्रित एक गांव ओड़ार भी है। यहां 34 परिवार के लोग निवास करते हैं। ओड़ार गांव झिलमिला से लगा हुआ है। यहां प्राइमरी स्कूल नहीं होने से बच्चे तीन किमी पैदल सफर कर झिलमिला आते हैं। इस गांव के लोगों की प्राइमरी स्कूल की डिमांड है। आबादी कम होने के कारण यहां प्राइमरी स्कूल नहीं खुल पा रहा है।

शहर को क्या है जरूरत

महासमुंद शहर में एक बाइपास की दरकार है। क्योंकि, शहर पर टै्रफिक का प्रेशर बढ़ रहा है। पहले बाइपास के लिए सर्वे हुआ था। डीपीआर भी बना। बाद यह निरस्त हो गया। अब फिर से डीपीआर बनेगा। उसके बाद बाइपास निर्माण को स्वीकृति मिल सकती है।


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