11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक किसान ऐसा भी.. छत पर उगा दिए धान-मक्का जैैसी कई फसलें, 27 साल से कर रहे खेती

Chhattisgarh farmer Story :पिछले साल जवाफुल व दुबराज की खेती की थी। डेढ़ क्विंटल धान का उत्पादन हुआ। बिसाई खेतिहर किसानों को फसल लेने और रोगों से बचाने की नई तरकीब भी सिखा रहे हैं

2 min read
Google source verification
mahasamund_kisan__.jpg

जितेंद्र सतपथी@ महासमुंद. Chhattisgarh farmer Story: महासमुंद के किसान भागीरथी प्रसाद बिसाई ने अपने घर को ही अनुसंधान केंद्र बना लिया है। वे बीते 27 वर्षों से छत पर ही अनाज की खेती कर रहे हैं। पिछले साल जवाफुल व दुबराज की खेती की थी। डेढ़ क्विंटल धान का उत्पादन हुआ। बिसाई खेतिहर किसानों को फसल लेने और रोगों से बचाने की नई तरकीब भी सिखा रहे हैं। इस साल उन्होंने जवाफुल धान की खेती की तैयार कर ली है। हर साल खरीफ सीजन में करीब डेढ़ से दो क्विंटल जवाफुल या दुबराज की फसल लेते हैं। सिंचाई के लिए छत पर पाइपलाइन बिछा दी है।

गेंदा फूल के पौधे से टमाटर निकाला
Chhattisgarh farmer Story : भागीरथी नवाचार पद्धति से सब्जी की फसल तैयार करते हैं। उन्होंने बैंगन, गेंदे और फूलगोभी के पौधे से एक साथ टमाटर भी निकाल लिए। हालांकि, वे इसकी फसल नहीं ले रहे हैं, लेकिन फसल लेने में नए-नए अनुसंधान कर रहे हैं। इस बार सीताफल व रामफल एक पौधे में फलेंगे।

Chhattisgarh farmer Story : भागीरथी 25 साल पहले एक राइस मिल प्रभारी थे। एक दिन राइस मिल से धान से भरा ट्रक निकला। धान के बोरों से जवाफुल धान का एक दाना दरवाजे पर गिर गया। बिसाई ने उसे उठाया और घर ले आए। उन्होंने अपनी बाड़ी में जवाफुल धान के एक दाने को रोपण कर दिया। यह एक दाना धीरे-धीरे बढ़ता गया। बिसाई ने जवाफुल धान की खेती करने का मन बना लिया। यही नहीं, उनके दिमाग में यह ख्याल आया कि क्यों न छत पर इसकी खेती की जाए। फिर उन्होंने छत के एक हिस्से में खेती करनी शुरू कर दी। फसल की पैदावार अच्छी हुई, तो उन्होंने 2500 स्क्वेयर फीट की छत पर धान की फसल लेना शुरू किया। बिसाई का मानना है कि उनकी फसल में बोदरा नहीं होता।

एक पौधे में 12 प्रकार की मिर्ची फसल लेने की तैयारी
Chhattisgarh farmer Story: भागीरथी बिसाई ने इस बार एक पौधे में 12 प्रकार की मिर्ची लेने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा एक पेड़ में 10 प्रकार के कलमी आम की फसल लेने लेने की तैयारी है। उनकी बाड़ी में विभिन्न प्रकार के दुर्लभ पौधे भी हैं। जैसे हल्दी, तिखुर, काली हल्दी, सफेद हल्दी, के साथ गरम मसाले आदि।