
नसबंदी के लिए बाहरी मरीजों का प्रेशर बना सिरदर्द, बिगड़ी व्यवस्था
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नसबंदी ऑपरेशन के लिए बाहरी मरीजों का प्रेशर इतना बढ़ा कि जिला अस्पताल प्रबंधन की सांसें फूल गईं। हर रोज 100 की वेटिंग होने से डॉक्टर भी टेंशन में हैं। डॉक्टर भी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि नसबंदी कराने वालों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था बिगड़ गई है।
दरअसल, जिला अस्पताल में परिवार नियोजन के लिए गरियाबंद, आरंग और बलौदाबाजार जिले से नसबंदी ऑपरेशन के लिए रोज 50-60 महिलाएं पहुंच रही हैं। पिछले 15 दिनों से यही हाल है। एक दिन में इतना ऑपरेशन होना मुश्किल है। यही कारण है कि अस्पताल के डॉक्टर ऑपरेशन के लिए महिलाओं को समय दे रहे हैं।
बताया जाता है कि जिले के और किसी भी सरकारी अस्पताल में नसबंदी का ऑपरेशन नहीं हो रहा है। नसबंदी कराने वाली सभी महिलाएं जिला अस्पताल पहुंच रही हैं। एक दिन 30 से 40 ऑपरेशन हो रहा है। बाकी को समय दिया जा रहा है। अभी जनवरी 2019 के 14 तारीख तक ऑपरेशन के लिए मरीज प्रतिक्षा सूची में हैं। सोमवार को 30-40 महिलाएं जिला अस्पताल में भटकती रहीं। उन्होंने बताया कि पूर्व में नंबर मिलने के बाद भी ऑपरेशन नहीं हुआ। अब इन मरीजों को जनवरी के पहले सप्ताह में आने का समय दिया है। नसबंदी की वेटिंग लंबी होने के कारण जिला अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ती दिख रही है। नसबंदी के लिए दूर-दराज से पहुंचने वाली महिलाएं और उनके परिजन अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नसबंदी के लिए पहले अस्पताल में फार्म भरा जाता है। इसके बाद मरीजों को ऑपरेशन के लिए तिथि निर्धारित कर उन्हें पावती दी जाती है। नसबंदी ऑपरेशन पिछले महीनों से जिला चिकित्सालय में जारी है। गुमान धीवर ने बताया कि नसबंदी के लिए पिछले दो दिन से चक्कर काट रहे हैं। मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण अव्यवस्था निर्मित हो गई है। प्रतिदिन भारी संख्या में मरीज ऑपरेशन के लिए जिला चिकित्सालय पहुंच रहे हैं। उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
जिले का 100 बिस्तर अस्पताल लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को आए दिन रायपुर रेफर कर दिया जाता है। जिला चिकित्सालय में उपकरणों की कमी नहीं है, लेकिन इन्हें चलाने वाले विशेषज्ञों की कमी है। अस्पताल में पड़े उपकरण विशेषज्ञों की कमी के कारण धूल खाते पड़े हैं। 100 बिस्तर अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बन रह गया है।
नसबंदी कराने वालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। ऑपरेशन के बाद प्रोत्साहन राशि मरीजों के खातों में सीधे जमा होती है। हालांकि नसबंदी के लिए पुरुष रुचि नहीं दिखाते है, लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक है। नसबंदी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रसार-प्रचार किया जाता है। इसके लिए वर्ष में एक बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा नसबंदी ऑपरेशन के लिए शिविर का भी आयोजन किया जाता है।
महासमुंद के सिविल सर्जन डॉ. आरके परदल ने बताया कि जिला चिकित्सालय में नसबंदी ऑपरेशन हो रहा है। मरीजों को पावती देकर समय दिया जाता है, लेकिन पिछले एक-दो दिन से गरियाबंद, बलौदाबाजार एवं आरंग की महिलाएं नसबंदी कराने के लिए काफी संख्या में अस्पताल पहुंच रही हैं। इसलिए अव्यवस्था हो रही है।
Published on:
26 Dec 2018 12:06 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
