
Monsoon Update Today: छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह एक्टिव हो गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आज भी प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से बारिश हो रही है। आज सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में भारी बारिश के आसार है।
मौसम विभाग ने 28 जुलाई तक यलो अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही और कोरिया में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं आज सरगुजा संभाग में भी अच्छी बारिश होने के आसार है। वहीं राजधानी रायपुर में भी तेज बारिश हो सकती है।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से एक साथ कई सिस्टम बनने से बारिश हो रही है। एक चक्रवात झारखंड के आस-पास बना हुआ है। वहीं द्रोणिका बीकानेर से लेकर ग्वालियर, सीकर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक विस्तारित है। जिसके असर से बारिश हो रही है।
मानसून सक्रिय होने के बाद सावन में लगी झड़ी ने 15 दिनों के बारिश का कोटा पूरा कर दिया। 36 घंटे तक महासमुंद व पिथौरा में मानसून मेहरबान रहा। पिथौरा में 112 और महासमुंद तहसील में 105 मिमी बारिश हुई। मानसून सक्रिय होने से लोगाें को उमस से थोड़ी राहत मिली है। दो दिन से आसमान में काले घने बादल छाए हुए हैं। मौसम भी ठंडा हो गया है। ठंडी हवाओं से तापमान में भी गिरावट आ गई है।
24 जुलाई को महासमुंद में 105, सरायपाली में 35, बसना में 78 मिमी, पिथौरा में 112.7, बागबाहरा में 93 मिमी, कोमाखान में 83 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिसका औसत 84 मिमी है। एक जून से जिले में औसत 360 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक 80 प्रतिशत औसत बारिश हो चुकी है।
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद निसदा बैराज के 9 और समोदा बैराज के 25 गेट खोल दिए गए हैं। महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो महानदी से आस-पास के गांवों में खतरा बढ़ सकता है। दो दिन हुई बारिश के बाद कोड़ार जलाशय का जलस्तर भी 9.50 फीट हो गया है। हालांकि, जलाशय की क्षमता के हिसाब से अभी 15 प्रतिशत ही पानी भरा है।
बारिश के बाद रोपाई कार्य में तेजी आई है। किसान के खेतों में भी लबालब पानी भर गया है। कई किसान पानी निकासी की व्यवस्था करते भी नजर आए। धान की फसल के लिए पानी की अधिक आवश्यकता होती है। बारिश होने से किसानों ने भी राहत की सांस ली है। पिछले 15 दिन तक किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे थे।
Updated on:
26 Jul 2024 08:53 am
Published on:
25 Jul 2024 04:52 pm
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