26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चरमराई शिक्षा, जिले के 32 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, बच्चे खुद गढ़ रहे भविष्य

शिक्षा सत्र का आधा समय गुजर चुका है। स्कूलों में त्रैमासिक परीक्षाएं शुरू हो गई हंै

2 min read
Google source verification
School

सौरभ गोयल सरायपाली. शिक्षा सत्र का आधा समय गुजर चुका है। स्कूलों में त्रैमासिक परीक्षाएं शुरू हो गई हंै, लेकिन आज भी सरायपाली विकासखंड के कई प्राथमिक स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई है।

कई स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। वहीं प्राथमिक शाला पलसापाली (नवा) के 40 बच्चों के अध्यापन के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। जब बुनियादी शिक्षा ही कमजोर हो तो छात्रों के भविष्य पर इसका क्या असर होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। विकासखंड के एक शिक्षकीय एवं शिक्षकविहीन प्राथमिक शालाओं की जानकारी ली गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

यह कैसी विडंबना है कि एक तरफ सरकार डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाकर शासकीय स्कूलों का स्तर सुधारने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक शालाओं में लंबे अरसे से शिक्षकों की व्यवस्था न होने से इन जगहों पर शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।

क्षेत्र के करीब 32 प्राथमिक शालाओं में शिक्षकों की कमी है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत एक प्राथमिक शाला में कम से कम 2 शिक्षक का होना आवश्यक है, लेकिन प्राथमिक शाला ग्राम नूनपानी में दर्ज संख्या 80 होते हुए भी यहां मात्र एक ही शिक्षक पदस्थ है। जबकि यहां तीन शिक्षकों की आवश्यकता है।

लगातार घट रही प्राथमिक शालाओं में दर्ज संख्या
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे इन प्राथमिक शालाओं में हर वर्ष दर्ज संख्या में गिरावट आ रही है, जो चिंता का विषय है। कई शालाओं में दर्ज संख्या इतनी कम हो चुकी है कि उन्हें आने वाले वर्षों में मर्ज करने की नौबत आ जाएगी। प्राथमिक शाला मोहनमुंडा में मात्र 6, बानीपाली में 9 छात्र ही रह गए हैं। अंचल के करीब आधा दर्जन स्कूलों की दर्जसंख्या 20 से भी कम रह गई है। ऐसे में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की बात एक गंभीर चिंतन का विषय है।

दूरस्थ स्कूलों में शिक्षकों की कमी
दूरस्थ ग्रामीण अंचलों की प्राथमिक शालाओं में हमेशा से शिक्षकों की कमी रही है। शहर के आस-पास की स्कूलों में जहां अतिशेष शिक्षक पदस्थ हैं। वहीं दूर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी आज भी बरकरार है। वनांचल स्कूलों में शिक्षक पदस्थापना के बाद भी सांठगांठ कर शहर के आसपास अपनी व्यवस्था कराने में कामयाब हो जाते हैं। सरायपाली क्षेत्र की प्राथमिक शाला प्रेतेनडीह, गंधेलडीपा, बेहेरापाली, काकेनचुवां, मोहनमुंडा, पोटापारा, बानीपाली, लिमगांव, जलगढ़, खरनियाबहाल, गौरबहाली, माकरमुता, बंदलीमाल, बलेण्डा, बांझापाली, रक्ता, तिहारीपाली, खोखेपुर, अमलडीह, बनोभांठा, कापूकुंडा, बड़ेपंधी, मनकी, नूनपानी, बोदापाली, कोकड़ी, परेवापाली, डोंगररक्षा और गहनाखार स्कूल आज भी एकल शिक्षकों की सूची में दर्ज है।

शिक्षकविहीन शालाओं में भेजे जाएंगे शिक्षक
अतिशेष शिक्षकों को एकल और शिक्षक विहिन शालाओं में भेजा जाएगा।
परशुराम भोई, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सरायपाली