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सरकार की इस योजना से डिजीटल हो रहे महिला स्व सहायता समूह के सदस्य, एक साल में इतना बढ़ा आंकड़ा

ई-शक्ति योजना के तहत जिले की सभी महिला स्व सहायता समूहों का ब्यौरा अब पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है

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सरकार की इस योजना से डिजीटल हो रहे महिला स्व सहायता समूह के सदस्य, एक साल में इतना बढ़ा आंकड़ा

महासमुंद. ई-शक्ति योजना के तहत जिले की सभी महिला स्व सहायता समूहों का ब्यौरा अब पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है। अब तक 5207 महिला स्व सहायता का ब्यौरा डिजिटल हो चुका है।

जिले में ई शक्ति योजना की शुरुआत जनवरी 2018 में हुई थी। 5207 समूह में 56739 सदस्य हैं। इसके तहत 906 गांव के समूह का डिजिटलीकरण हो चुका है। 98 बैंक के ब्रांच शामिल हैं। इसके तहत महिला स्व सहायता समूह की सभी महिला सदस्यों का नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर अपडेट किया गया है। यहीं नहीं बैंकों से जब स्व सहायता समूह लेनदेन करेंगी तो इसका ब्योरा मोबाइल पर पहुंचेगा।

इतना ही नहीं समूह की राशि में कितनी राशि डाली गई है, सदस्यों का कितना जमा है और सदस्यों के पास कितना बकाया राशि है यह सब ब्योरा उनके मोबाइल नंबर के माध्यम से अपडेट होगा। इसके अलावा समूह के बारे में कौन अच्छा कार्य कर रहा है और कौन नहीं कर रहा है इसकी जानकारी जिला प्रशासन से लेकर भारत सरकार तक होगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी। ग्रामीण महिलाओं की समृद्धि के लिए यह योजना लाया गया है।

एनजीओ, बैंक, सरकारी विभाग और नाबार्ड विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैँ। तकनीक की मदद से डाटा शेयर कराता है। नाबार्ड ने यह प्रोजेक्ट ग्रामीण भारत को ध्यान में रखते हुए बनाया है। इस योजना के तहत महिला एवं स्व सहायता समूह के बहीखातो में गुणवत्ता व सुधार होगा। लेखांकन में लगने वाली कठिन मेहनत से महिलाओं को छुटकारा मिलेगा। एसएमएस के जरिए योजना में पारदर्शिता आएगी। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर भी रहेगी।

नहीं हो सकेगी गड़बड़ी
महिला स्व सहायता समूह में पहले गड़बड़ी की शिकायतें भी आती थी। 10 सदस्यों में यदि एक पैसा भी निकाल लेता था, तो अन्य को पता भी नहीं चलता था, लेकिन डिजिटल होने के बाद सभी महिलाओं को लेन-देन संबंधित जानकारी रहेगी।

बैंक से लोन मिलना हुआ आसान
डिजिटल होने के बाद महिला स्व स्हायता समूह को बैंक से लोन मिलना आसान हो गया है। बैंक और समूह के बीच में पारदर्शिता आ रही है। लेन-देन के मामले में महिलाओं को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ रही है।

फैक्ट फाइल
5207 डिजिटल समूह
56739 सदस्य
906 इतने गांव के समूह
98 बैंक ब्रांच
274 को लोन का लाभ

लक्ष्य से आगे
जिला विकास प्रबंधक केजी मनोज ने बताया कि ई शक्ति योजना से 5206 महिला स्व सहायता समूह का आंकड़ा डिजीटल हो चुका है। जितना लक्ष्य मिला था, उससे हम आगे चल रहे हैं। ई शक्ति योजना में महिला स्व सहायता समूह को काफी लाभ होगा। बैंक से लोन मिलना आसान हो जाएगा।