19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया सीएमओ का मैनेजर, खींचते हुए ले गई विजिलेंस… मची रही अफरा तफरी

सीएचसी पनवाड़ी में तैनात ब्लॉक लेखा प्रबंधक से स्थानांतरण के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते सीएमओ कार्यालय के परिवार कल्याण प्रोजेक्ट मैनेजर को विजिलेंस झांसी टीम ने बृहस्पतिवार की शाम गिरफ्तार कर लिया।

2 min read
Google source verification

महोबा

image

anoop shukla

Mar 19, 2026

Up news, mahoba

फ़ोटो सोर्स: सोशल मीडिया, विजिलेंस रेड

महोबा में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब सीएमओ कार्यालय के मैनेजर को विजिलेंस टीम खींचते हुए अपनी गाड़ी में बिठाने ले जा रही थी, इस दौरान वह टीम के सदस्यों के चंगुल से भागने की कोशिश करता रहा लेकिन सफल न हो सका।

जब बेबस हो गया तब वह टीम से छोड़ने की मिन्नतें करता रहा, इस दौरान मौके पर हाई वोल्टेज ड्रामा होता रहा। विजिलेंस टीम भी चारों तरफ से घेर कर उसकी बेल्ट खींचते हुए गाड़ी में बिठाई। मैनेजर ने एक संविदा कर्मचारी से साढ़े तीन लाख की रिश्वत मांगी थी। गुरुवार को पहली किस्त के 2 लाख रुपए लेने के लिए मैनेजर ने कर्मचारी को एक होटल में बुलाया था।

मैनेजर ने काम के लिए संविदाकर्मी से मांगे साढ़े तीन लाख

हमीरपुर के रहने वाले मेराज मोहम्मद महोबा के पनवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अकाउंट मैनेजर हैं। उन्होंने बताया, मैंने CMO से कबरई स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र में ट्रांसफर या समायोजन करने को कहा था। जिस पर CMO ने कहा कि जाकर मैनेजर जीतेश से मिल लो और सारी बातें बता दो। मेराज ने बताया कि वह जीतेश से मिला तो वह काम के साढ़े तीन लाख रुपए मांगने लगे ,मेराज ने इसकी शिकायत झांसी विजिलेंस के अधिकारियों से की।

सूचना पर पहुंची विजिलेंस टीम, रंगे हाथ दबोचा गया

गुरुवार को मेराज ने जीतेश को फोन किया और कहा, पैसे का इंतजाम हो गया है। इस पर उसने एक होटल में बुलाया। होटल पहुंचने के बाद जैसे ही मेराज ने मैनेजर जीतेश को 2 लाख रुपए दिए, पहले से सादे कपड़ों में तैनात विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो पिंक हो गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शहर कोतवाली लाया गया। विजलेंस टीम के प्रभारी पीयूष पांडेय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, उसे जेल भेजने की तैयारी है।