
महोबा. मौसम का कहर महोबा के एक किसान पर भारी पड़ गया। तीन बीघा खेत में तैयार मटर लगी हुई थी। एक सप्ताह पहले अचानक आई तेज आंधी से पूरी की पूरी मटर की फसल खत्म हो गई। जब किसान ने खेत में अपनी नष्ट मटर की फसल का देखा तो बौखला गया। और शनिवार को किसान ने फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिजनों ने यह भी बताया कि, किसान पर साहूकारों का तीन लाख रुपए कर्ज भी था। किसान की उम्र 43 वर्ष थी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार :- मामला महोबा जिले के खरेला कस्बे का है। चरखारी तहसील के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) राकेश कुमार ने बताया कि, खरेला कस्बे में तीन बीघा कृषि भूमि के किसान उमाशंकर नामदेव ने शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की सूचना मिली है, जिसकी जांच के लिए राजस्व निरीक्षक और उस क्षेत्र के लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने आगे कहाकि, राजस्व अधिकारियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारणों का पता चल सकेगा। इस बीच पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
तैयार मटर की फसल नष्ट :- राजस्व निरीक्षक (रिवेन्यू इंस्पेक्टर) कामता प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि, किसान उमाशंकर नामदेव की पत्नी के अनुसार, पिछले सप्ताह तेज आंधी से किसान के खेत में तैयार मटर की फसल नष्ट हो गई थी। हो सकता है कि फसल नष्ट होने से निराश होकर उसने आत्महत्या की हो।
नियमानुसार सरकारी सहायता :- राजस्व निरीक्षक त्रिपाठी ने एक और जानकारी देते हुए कहाकि, परिजनों ने बताया कि, किसान पर साहूकारों का तीन लाख रुपए कर्ज हैं। आत्महत्या के कारणों की राजस्व अधिकारी और पुलिस जांच कर रही है। किसान के आश्रितों को नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाई जाएगी।
Published on:
22 Mar 2021 02:14 pm
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