29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

33 साल तक चला केस, कोर्ट ने चोरों को सुनाई 1 दिन की सजा

1989 में चोरी के आरोप में 3 चोरों को सजा दिलाने के लिए 33 साल तक केस चला। कोर्ट ने दोषी को 1 दिन की सजा सुनाई है।

less than 1 minute read
Google source verification
court.jpg

यूपी के महाराजगंज से एक गजब केस का मामला समाने आया है। चोरी का एक केस 33 साल से चल रहा था। उसकी सुनवाई पूरी हो गई है। जिले के सिविल कोर्ट में केस चल रहा था। कोर्ट ने दोषियों को केवल 1 दिन की ही सजा सुनाई है।

कोर्ट ने 1500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपियों को 10 दिन अतिरिक्त सजा की बात कही है।

चोरी के बाद जमानत पर बाहर निकले थे आरोपी
1989 में 3 आरोपियों ने चोरी चोरी की थी। पुलिस ने बुद्धिराम, हमीमुद्दीन और शीश मुहम्मद के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया था। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत के बाद तीनों आरोपियों पर केस चल रहा था।

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की खास 10 धार्मिक जगहें, जहां आप मना सकते हैं नया साल

पुलिस ने बताया, “यह मामला साल 1989 का है। पुरन्दरपुर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।कोर्ट ने दर्ज साक्ष्य और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया है।”

लखनऊ में इस तरह का मामला पहले भी आ चुका है
ऐसा ही एक मामला लखनऊ से भी सामने आया था। जहां 50 साल तक चले केस में आरोपी को 5 साल की सजा सुनाई गई थी। 21 अप्रैल 1972 को हसनगंज थाने में एक केस दर्ज कराया था। कुछ आरोपियों ने दुश्मनी के कारण LLB प्रथम वर्ष के छात्र जगदीश शरण त्रिपाठी पर चाकू से हमला कर दिया था। जानलेवा हमले के मामले में त्रिपाठी न्याय पाने का इंतजार 50 साल बाद खत्म हुआ। शुक्रवार को आरोपी को 5 साल की सजा सुनाई गई थी।

Story Loader