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जानिए कौन हैं तनुश्री जिनको कांग्रेस ने उतारा है महराजगंज लोकसभा सीट पर

लोकसभा 2019

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tanushree mahrajganj

जानिए कौन हैं तनुश्री जिनको कांग्रेस ने उतारा है महराजगंज लोकसभा सीट पर

कांग्रेस ने लोकसभा उम्मीदवारों की एक और सूची जारी कर दी है। देवरिया से नियाज अहमद को प्रत्याशी बनाया गया है तो महराजगंज से कांग्रेस तनुश्री त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है। तनुश्री पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की सुपुत्री हैं। तनुश्री को कुछ दिन पूर्व ही शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी बनाया था।

जानिए कौन हैं तनुश्री

तनुश्री त्रिपाठी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की सुपुत्री हैं। तनुश्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया है और लंदन जाकर उन्होंने परास्नातक की डिग्री हासिल की थी।
बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में तनुश्री तब चर्चा में आई थी जब जेल में बंद अपने भाई अमनमणि के प्रचार की कमान संभाली थी। अमनमणि त्रिपाठी अपनी पत्नी सारा सिंह की हत्या के आरोप में जेल में थे जब विधानसभा चुनाव का ऐलान हुआ था। 2012 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़कर हार चुके अमनमणि को 2017 के विधानसभा चुनाव में किसी भी दल ने टिकट नहीं दिया। ऐसे में परिवार व शुभचिंतकों ने निर्दल ही अमन को नौतनवां से चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया। इस बार भी मणि परिवार का राजनैतिक प्रतिद्वंद्वी अखिलेश सिंह का परिवार चुनाव मैदान में था। तत्कालीन विधायक कौशल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में थे।
मणि परिवार की ओर से अमन के जेल में रहने पर युवा चेहरों ने कमान संभाल ली। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पुत्री तनुश्री की अगुवाई में परिवार के सभी भाई-बहन चुनाव की कमान संभाल लिए। तनुश्री और परिवार के युवा चेहरों ने अचानक से नौतनवां की सियासी तस्वीर बदलनी शुरू कर दी। मंच से लेकर जनसंपर्क तक इन युवाओं को देखने सुनने को भीड़ एकत्र होने लगी। तनुश्री ने मंच पर से भावुक अपील करनी शुरू कर दी। जेल में बंद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी अपनी मां और भाई अमन को साजिशन फंसाने का आरोप भी प्रतिद्वंद्वी पर लगाया। विपक्ष इन युवाओं को घेरने का पूरा कोशिश करता रहा लेकिन तनुश्री बेबाकी से विपक्ष को जवाब भी देती रही। आलम यह कि अमनमणि निर्दलीय चुनाव जीत गए। हालांकि, चुनाव के बाद तनुश्री सक्रिय राजनीति से दूर रहीं।

मां-पिता दोनों जेल में हैं बंद
तनुश्री के पिता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी मां मधुमणि आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कवियित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड की सजा यह दंपत्ति काट रहा। वर्तमान में वह गोरखपुर जेल में हैं। भाई अमनमणि त्रिपाठी 2017 में निर्दलीय विधायक बने थे। अमन पर भी अपनी पत्नी सारा सिंह की हत्या का आरोप है। वह फिलहाल बेल पर हैं।