
खेत में मजदूरी कर बेटे का पढ़ा रहे थे, ट्रक के नीचे कुचलकर ऐसे हुई दर्दनाक मौत, देखकर बार-बार बेहोश हो मां बाप
महराजगंज. कोठीभार थानांतर्गत सिसवा बाज़ार के ग्राम बीजापार में मंगलवार को आठ वर्षीय बालक की ट्रक के नीचे दब कर दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सिसवा सिंदुरिया मार्ग जाम कर दिया। प्रशासन द्वारा कार्यवाही के आश्वसन पर जाम खुला।
मंगलवार को बीजापार निवासी मजदूर दिलीप साहनी का आठ वर्षीय पुत्र बिट्टू प्रातः 9 बजे के करीब खेलते हुए मुख्य सड़क पर चला गया तभी सिसवा कस्बे से सीमेंट उतार कर सिंदुरिया की तरफ जा रही ट्रक ने मासूम को रौंद दिया, जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल ट्रक को घेर कर ड्राइवर को पकड़ लिया। सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद ट्रक और ड्राइवर को थाने ले जाने लगी तो गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध में सिसवा सिंदुरिया मार्ग को जाम कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि, पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की घोषणा के साथ दोषी ड्राइवर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाय। प्रशासन द्वारा कार्यवाही के आश्वसन देने पर आधे घण्टे के बाद ग्रामीणों ने रास्ते से जाम हटाया। इस संदर्भ में एसओ अरुण कुमार राय का कहना है कि, बच्चे की ट्रक के नीचे आने से मौत हो गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रक व ड्राइवर दोनों पुलिस के कस्टडी में है। मृतक के परिजनों के तहरीर के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
बेटे के खोने की गम में बार बार बेहोश हो रही है मां
मंगलवार की सुबह सड़क हादसे ने मासूम बिट्टू की मौत के सदमे में माता पिता बार-बार मूर्छित हो रहे हैं।
सिसवा कस्बे के सीमावर्ती गांव बीजापार, आईपीएल चीनी मिल के पास बसा है। इस गांव के निवासी दिलीप साहनी, पत्नी माधुरी व अपने दो बच्चों सात वर्षीय बिट्टू व तीन वर्षीय बेटी अनिता के साथ रहते हैं। दिलीप निहायत गरीब होने के बावजूद मेहनत मजदूरी करके परिवार की अच्छी परवरिश देने की कोशिश करते हैं। उनका सपना था कि, किसी तरह कुछ पैसे इकठ्ठा कर बेटे का नाम किसी अच्छे स्कूल में लिखवा दें, ताकि बेटा पढ़ लिख कर एक दिन बुढ़ापे का सहारा बने।
परन्तु होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार की अमंगलकारी सुबह उसके जीवन मे अंधेरा भर दिया। जिस समय बिट्टू हादसे का शिकार हुआ उस समय दिलीप गांव के बाहर खेत में मजदूरी कर रहा था। गांव के ही एक युवक ने दिलीप को हादसे में बेटे की मौत की जानकारी दी। उधर पत्नी बेटे की मौत सुनने के बाद बिट्टू को पुकार कर मूर्छित हो जा रही है। पिता भी बेटे के सदमे में बार बार बेहोश हो रहा है। बिट्टू की बहन अनिता की मासूम आंखे घर के बाहर भीड़ व परिजनों के रोने का कारण समझने का असफ़ल प्रयास करते हुये अपने भाई को ढूंढ रही है।
input यशोदा श्रीवास्तव
Published on:
10 Jul 2018 04:12 pm
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