भाजपा ने पांच बार से सांसद रहे प्रत्याशी को उतारा है मैदान में
अंतिम चरण की नामांकन तिथि समाप्ति के एक दिन पहले महागठबंधन ने महराजगंज लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। पूर्व सांसद अखिलेश सिंह को सपा की सिंबल पर महागठबंधन की ओर से चुनाव मैदान में होंगे। रविवार को उनकी प्रत्याशिता का ऐलान किया गया।
महराजगंज में दबंग राजनेता की छवि वाले अखिलेश सिंह महराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सपा की टिकट पर साल 1999 में चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। नौतनवां क्षेत्र के रहने वाले कुंवर अखिलेश सिंह महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक भी रह चुके हैं। वह 1991 व 1993 में चुनाव जीत विधानसभा पहुंचे।
कुंवर अखिलेश सिंह 1996 के लोकसभा चुनाव में महराजगंज से लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली। सपा की ही टिकट पर 1999 में लोकसभा चुनाव मैदान में आए और महराजगंज से सांसद चुने गए। लेकिन 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में उनको भाजपा के पंकज चैधरी ने हरा दिया। 2009 में अखिलेश सिंह को सपा ने टिकट नहीं दिया। 2014 में सपा ने एक बार फिर भरोसा जताया परंतु अखिलेश सिंह 2 लाख 13 हजार के आसपास वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे। बसपा के काशीनाथ शुक्ला करीब 2.31 लाख वोट पाकर दूसरे नंबर रहे। इस बार अखिलेश सिंह महागठबंधन की ओर से मैदान में हैं।
भार्इ को भी बनवा चुके हैं विधायक
कुंवर अखिलेश सिंह के भार्इ कौशल किशोर उर्फ मुन्ना सिंह नौतनवां से विधायक रह चुके हैं। 2012 में कांग्रेस की टिकट पर कौशल किशोर ने सपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि को हराया था। 2017 में कौशल किशार सिंह सपा के टिकट पर लड़े आैर अमनमणि निर्दलीय चुनाव जीत गए।
दरअसल, 1991 व 1993 में लक्ष्मीपुर विधानसभा सीट से कुंवर अखिलेश सिंह विधायक बने थे। दो बार विधायक रहे अखिलेश सिंह 1996 में अपने भार्इ को लक्ष्मीपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ाए। लेकिन वह सफल नहीं हो सके। 1996, 2002, 2007 विधानसभा चुनाव लड़ने वाले कौशल किशोर लगातार तीन चुनाव हारे। 2012 में नए परिसीमन के बाद लक्ष्मीपुर विधानसभा सीट का अस्तित्व समाप्त हो गया आैर नौतनवां नाम से नए सीट का सृजन हुआ। इस सीट पर कौशल किशोर उतरे आैर विधानसभा पहुंचे।