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अपर्णा या फिर डिंपल, मैनपुरी से किसको मिलेगा जनता का साथ

मुलायम सिंह यादव के कुनबे में दूसरे सदस्यों की तरह उनकी दोनों बहुएं भी राजनीति में हैं. डिंपल यादव मुलायम सिंह के बड़े बेटे अखिलेश यादव की पत्नी हैं तो वहीं अपर्णा यादव उनके छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी हैं.

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राजनीति में क्या कुछ देखने को नहीं मिलता है। 10 अक्टूबर 2022 को समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद से मैनपुरी की संसदीय सीट खाली पड़ी हुईं है। जिसपर उपचुनाव होना है,

उत्तर प्रदेश में राजनितिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार को उतारने के लिए तैयार बैठी है, हालांकि समाजवादी पार्टी के तरफ से सपा प्रमुख्य अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का नाम ट्विटर पर घोषित कर दिया गया है।

वहीं देखना ये है की अगर बीजेपी मैनपुरी सीट से अपने उम्मीदवार के रूप में अपर्णा यादव का नाम घोषित करती है तो क्या मैनपुरी की जनता अपर्णा का साथ देगी.

राजनीति में डिंपल कहीं आगे हैं, अपर्णा से

राजनीति की बात करें तो वहां भी डिंपल अपर्णा से सीनियर हैं. डिंपल यादव ने 2009 में राजनीति में कदम रखा था. वहीं अपर्णा यादव का पॉलिटिकल डेब्यू साल 2017 में हुआ था.

डिंपल यादव ने 2009 में फिरोजाबाद के लोकसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव लड़ा, लेकिन अभिनेता राज बब्बर के खिलाफ चुनाव में हार का सामना करना पड़ा ।

उप-चुनाव उनके पति अखिलेश द्वारा इस क्षेत्र में और साथ ही कन्नौज में मई 2009 के आम चुनावों में दोनो सीटो के जीतने के कारण हुआ था और क्योकि उन्होने कन्नौज से अपनी सीट ले ली थी।

2012 में उनके पति द्वारा उत्तर प्रदेश विधान परिषद में प्रवेश करने के लिए सीट खाली करने के कारण एक अन्य उपचुनाव के कारण उन्हें कन्नौज निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था।

डिम्पल यादव ने 2017 के उ.प्र. के विधानसभा के चुनाव मे समाजवादी पार्टी के लिए कई रैलियाॅ की थी। उनके भाषणो को जनता द्वारा खूब सराहा गया।

डिम्पल यादव देश मे महिला मुद्दो को लेकर अक्सर बोलती नजर आती है। उन्होने समाजवादी पार्टी द्वारा चलायी गयी महिला सुरक्षा के लिए 1090 हेल्पलाइन नं. का समर्थन किया।

डिम्पल यादव ने 2019 के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में कन्नौज से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के सुब्रत पाठक से 10,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गयी थी।