
Bhole Baba
Bhole Baba: साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के नाम से मशहूर सूरज पाल ने अपने परिवार के लोगों से ही नहीं बल्कि अपने गांव और पड़ोसी गांव के लोगों से रिश्ते खत्म कर लिए थे। भोले बाबा के पड़ोसी गांव चिरौरा निवासी मुंह बोले भाई महेश भी इस घटना से बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि सूरज पाल पहले सिपाही था, लेकिन वह अब सत्संग करने लगा है। इसकी जानकारी गांव के लोगों को बहुत बाद में हो पाई।
मैनपुरी के जिला अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में तैनात महेश कुमार हाथरस में हुई घटना से बेहद दुखी हैं। उनका कहना है कि महज कुछ पलों में ही 121 लोगों की जान चली गई। उन्होंने बताया कि सूरज पाल जवानी में ही पुलिस में भर्ती हो गए थे।
पुलिस में भर्ती होने के बाद उन पर एक मुकदमा दर्ज हो गया था। जिसके बाद उनकी नौकरी चली गई और वह कुछ दिनों के लिए अपने गांव लौट आया। फिर अचानक गांव से वो कहीं चला गया। कुछ समय बाद गांव के लोगों को पता चला कि वह अब सत्संग करने लगा है।
शुरुआती दौर में वह महिलाओं को उनकी समस्याओं के समाधान के सुझाव बताता था। फिर वह भगतगीरी भी करने लगा। उसने अपने भक्तों का मजमा लगाना कब और कहां से शुरू किया इस बात की उसके करीबियों को भी भनक नहीं लग सकी। लेकिन भक्तों का यह मजमा विशाल रूप धारण करने लगा तो लोगों को आश्चर्य भी हुआ था। लेकिन उसके बाद भोले बाबा के नाम से मशहूर सूरज पाल ने नाते रिश्तेदारों से भी लगातारी दूरी बना रखी थी।
Updated on:
08 Jul 2024 08:23 am
Published on:
08 Jul 2024 08:21 am
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