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छह साल पु​राने हत्या के मामले में अदालत ने दोषी को सुनाई उम्रकैद की सजा

- 20 हजार का जुर्माना भी लगाया। साथ ही जुर्माने की आधी राशि मृतक की पत्नी को दिए जाने का आदेश दिया।

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हाईकोर्ट

मैनपुरी। छह वर्ष पूर्व थाना भोगांव क्षेत्र में की गई युवक की हत्या के मामले में जिला जज विजेंद्र सिंह ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेजा गया है।

ये है मामला
घटना 16 जून 2013 की है। थाना भोगांव के भवानीनगर का रहने वाला अतर सिंह 16 शाम के समय गांव की ही एक दुकान पर बीड़ी का बंडल लेने गया था। लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। काफी देर तक कुछ पता न चलने पर घरवालों को चिंता हुई और वे उसकी तलाश में निकल पड़े। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 17 जून की सुबह उसका शव गांव के बाहर रेलवे लाइन के किनारे पड़ा मिला।

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घटना के बाद अतर सिंह के भाई रामवीर सिंह ने थाना भोगांव में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने गांव के पिंकी शाक्य के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई जिला जज विजेंद्र सिंह की अदालत में हुई। इस दौरान पिंकी को हत्या का दोषी पाया गया। दोष साबित होने के बाद जिला जज ने पिंकी शाक्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि यानी 10 हजार रुपये मृतक अतर सिंह की पत्नी किशन लता को दी जाएगी।

अतर सिंह को सबक सिखाना चाहता था पिंकी
हत्या से करीब 15 दिन पहले अतर सिंह और पिंकी का विवाद हुआ था। उस समय अतर सिंह ने पिंकी की गांव में पिटाई की थी। इस बात से पिंकी चिढ़ गया था और उसने अतर सिंह को सबक सिखाने की बात कही थी। इसी कारण उसने अतर सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर उसका शव रेलवे लाइन पर फेंक दिया था।