दिव्यांगों के लिए ये हैं शानदार कोर्सेज, कमा सकते हैं लाखों हर माह

Career Courses: दिव्यांग भी अपना कौशल बढ़ाकर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। उनके लिए कई पाठ्यक्रम मौजूद हैं।

Career Courses: समाज में लाखों दिव्यांगों को कई खराब अनुभवों से गुजरना पड़ता है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार दिव्यांग भारतीय आबादी का 45 फीसदी हिस्सा अशिक्षित है। जनगणना बताती है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 63.66 फीसदी दिव्यांग बेरोजगार हैं। इन दिव्यांगों के लिए रोजगार प्राप्त करने में टेक्नोलॉजी मददगार हो सकती है।

सुधा चंद्रन की कड़ी मेहनत
सुधा चंद्रन भारतीय अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना हैं। सिर्फ 16 साल की उम्र में एक हादसे में उनके टखने में एक छोटा सा घाव हो गया था और संक्रमण के कारण उनके पैर को काटना पड़ा था। जयपुर फुट लगवाकर वे कड़ी मेहनत और धैर्य से देश की सबसे लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्यांगनाओं में से एक बन गईं।

शरथ गायकवाड़ ने तोड़ा रिकॉर्ड
शरथ गायकवाड़ एक विकृत हाथ के साथ पैदा हुए। उन्होंने स्कूल में तैराकी शुरू की। आज उनके पास 90 से अधिक पदक हैं। पैरा स्विमर शरथ ने साउथ कोरिया के इंचन में हुए पैरा एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए छह मेडल जीते। उन्होंने कभी खुद को किसी से कम नहीं समझा और निरंतर अभ्यास के बदौलत सफलता प्राप्त की।

खास पाठ्यक्रम
कई तरह के कोर्स ऑनलाइन वेबसाइट कोर्सेरा, उडेमी पर कराए जा रहे हैं। साथ ही कई विश्वविद्यालय और संस्थान 3 महीने से 6 महीने की अवधि के व्यावसायिक पाठ्यक्रम ऑफर करते हैं। इन पाठ्यक्रमों में से कुछ हैं-

कई कोर्स उपलब्ध हैं
असिस्टिव टेक्नोलॉजी बच्चों को शैक्षिक कौशल, संचार सीखने में मदद करती है और उनका ध्यान भटकने नहीं देती। इसमें टेक्स्ट-टू-स्पीच, डिक्टेशन आदि शामिल हैं। दिव्यांगों के लिए कई ऑनलाइन और ऑफलाइन वोकेशनल कोर्स हैं। इनमें संचार प्रबंधन, आइओटी और एआइ स्किल, वेब डवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन फाइनेंस, डेटा साइंस व वेल्थ मैनेजमेंट खास हैं।

डिजिटल फोटोग्राफी
डिजिटल फोटोग्राफी में इमेज कैप्चर, संपादित करने और साझा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक और कम्प्यूटिंग उपकरणों का उपयोग होता है। डिजिटल कैमरा, कम्प्यूटिंग डिवाइस व डिजिटल फोटोग्राफी सॉफ्टवेयर का सही इस्तेमाल जानना भी जरूरी है।

ग्राफिक डिजाइन
ग्राफिक डिजाइन में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। छात्र तकनीकी प्रशिक्षण की तरफ जा सकते हैं। इसमें स्टूडियो आर्ट, डिजाइन कॉन्सेप्ट, कम्प्यूटराइज्ड डिजाइन, कमर्शियल ग्राफिक्स प्रोडक्शन, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, वेबसाइट डिजाइन शामिल हैं।

पर्सनल फाइनेंस
पर्सनल फाइनेंस को मनोरंजक तरीके से समझना जरूरी है। इसमें टैक्स, निवेश, ऋण, बीमा और सेवानिवृत्ति से जुड़े मामले होते हैं। यही कारण है कि कई कॉलेज और प्रशिक्षण केंद्र पाठ्यक्रम का उपयोग लघु वीडियो, आकर्षक और एनिमेटेड वीडियो की एक श्रृंखला के माध्यम से करते हैं।

साइबर सिक्योरिटी
भारत में जितनी तेजी के साथ मोबाइल और सिस्टम यूजर बढ़ रहे हैं, उसके अनुरूप हमारे पास उचित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ नहीं हैं जो धोखाधड़ी वाली ईमेल और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर हमलों और डेटा उल्लंघन को रोक सकते हों। यही कारण है कि कंपनियां और कॉर्पोरेट अपनी सुरक्षा प्रणाली पर पैसा खर्च कर रहे हैं।

मोबाइल ऐप डवलपमेंट
हर स्टार्टअप और बड़ा कॉर्पोरेट मोबाइल ऐप के जरिए अपना बाजार विकसित कर रहा है। आजकल हर विषय पर मोबाइल ऐप उपलब्ध है। मोबाइल ऐप डवपलमेंट के फील्ड में कॅरियर की बड़ी संभावनाएं हैं।

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सुनील शर्मा
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