12वीं के बाद फिजिक्स में बनाएं कॅरियर, ये हैं शानदार कॅरियर कोर्सेज

Career in Physics: अगर आपने हाल ही में विज्ञान गणित संकाय से 12वीं कक्षा पास की है तथा फिजिक्स में खास रूझान रखते हैं तो आपके लिए कुछ बेहद ही शानदार कॅरियर आप्शन्स हो सकते हैं।

Career in physics : अगर आपने हाल ही में विज्ञान गणित संकाय से 12वीं कक्षा पास की है तथा फिजिक्स में खास रूझान रखते हैं तो आपके लिए कुछ बेहद ही शानदार कॅरियर आप्शन्स हो सकते हैं। परन्तु इसके लिए आपको 12वीं के बाद फिजिक्स को मुख्य विषय के रूप में लेते हुए आगे की पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद आप फिजिक्स आधारित कॅरियर बना सकते हैं, आप चाहे तो फिजिसिस्ट बन सकते हैं, स्पेस साइंटिस्ट बन सकते हैं, इंजीनियर बन सकते हैं अथवा विज्ञान संकाय से जुड़े अन्य किसी भी विषय में जा सकते हैं।

ऐसे बन सकते हैं फिजिक्स में साइंटिस्ट
फिजिक्स में साइंटिस्ट बनने के लिए स्नातकोत्तर की डिग्री के बाद पीएचडी आवश्यक है। भारत सरकार द्वारा भोपाल, पुणे, मोहाली, कोलकाता, तिरुवनंतपुरम, बरहामपुर और तिरुपति में स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) से बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc.) और मास्टर ऑफ साइंस (एमएस) की ड्युअल डिग्री प्राप्त की जा सकती है। इन संस्थानों में प्रवेश के लिए विज्ञान विषय से 10+2 करने के बाद अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (KVPY), JEE Advanced तथा स्टेट व सेंट्रल बोर्ड चैनल के द्वारा प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

केवीपीवाई उत्तीर्ण स्टूडेंट्स आइआइएसईआर में सीधे आवेदन कर सकते हैं। जेईई एडवांस्ड में प्रथम 10 हजार तक की रैंक तक के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। राज्य अथवा केन्द्रीय बोर्ड चैनल के द्वारा प्रवेश करने वाले स्टूडेंट्स को आइआइएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (IAT) के जरिए प्रवेश मिल सकता है। फर्क इतना है कि इस परीक्षा में आवेदन के लिए विभिन्न बोर्ड के कट ऑफ मार्क्स की लिस्ट के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। उदाहरण के लिए इस वर्ष (2019) RBSE बोर्ड के लिए यह कट ऑफ मार्क्स सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी तथा पीडब्ल्यूडी वर्गों में क्रमश: 390, 391, 375, 368 तथा 368 है।

इसी प्रकार एनआइएसईआर, भुवनेश्वर, जो स्वयंशासित संस्थान है तथा यह परमाणु ऊर्जा के अधीन है, में भी फिजिक्स में स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए आवेदन किया जा सकता है। यहां फिजिकल साइंस के अलावा बायोलॉजिकल साइंसेज, केमिकल साइंसेज, कम्प्यूटर साइंसेज, अर्थ एंड प्लांटरी साइंसेज, ह्युमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज व मैथैमेटिकल साइंसेज में भी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी का कोर्स कर सकते हैं। खास बात है कि यहां प्रवेश के लिए नेशनल एंट्रेंस स्क्रीनिंग टेस्ट (नेस्ट) की परीक्षा देनी होती है। 60 प्रतिशत अंकों से 10+2 पास करने वाले इसका हिस्सा बन सकते हैं। इसके अलावा इंटीग्रेटेड एमएससी व पीएचडी के लिए जेएएम, नेट, गेट, आइसीएआर, आइसीएमआर और डीबीटी के जरिए भी प्रवेश मिल सकता है।

एस्ट्रोफिजिक्स में बनाए कॅरियर
एस्ट्रोफिजिक्स क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए बीटेक या एमएससी या बीटेक-एमएससी ड्युअल डिग्री कोर्स उत्तीर्ण करने होते हैं। फिजिक्स या एस्ट्रोफिजिक्स के लिए आइआइटी बॉम्बे, मद्रास, दिल्ली, कानपुर और खडग़पुर में प्रवेश लिया जा सकता है। इसके अलावा आइआइएसई बेंगलुरु, टीआइएफआर, मुंबई, दिल्ली यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, त्रिवेंद्रम और या फिर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, बेंगलुरु से भी फिजिक्स या एस्ट्रोफिजिक्स संबंधी पढ़ाई कर इसमें अपना भविष्य बना सकते हैं।

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सुनील शर्मा
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