Career in Wellness: वेलनेस सेक्टर में है जबरदस्त स्कोप, ऐसे करें कमाई

Career in Wellness: स्मॉल बिजनेस को ऐसे वेलनेस प्रोग्राम के पैकेज उपलब्ध कराएं जा रहे हैं जो उनके बजट में हो। कॉरपोरेट वर्ल्ड में उन कंपनियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है जो ऐसे वेलनेस प्रोग्राम डिजाइन करने के साथ एम्प्लाई फ्रेंडली भी बना सके।

Career in wellness : अपने टॉप टैलेंट को संभालकर रखने के लिए कंपनियां लगातार अपनी स्ट्रेटजी में बदलाव कर रही हैं। कंपनी सर्वे के अनुसार बीते 3 वर्ष में बिग ब्रांड कंपनियों में 32 प्रतिशत से अधिक हाई लेवल कर्मचारियों ने मूव ऑन किया है, जिसका प्रमुख कारण वर्कप्रेशर और ऑफिस का बोरिंग माहौल रहा है। यह समस्या स्मॉल बिजनेस भी लगातार फेस कर रहे हैं। इसका हल वेलनेस प्रोग्राम के तौर पर सामने आया है। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रिलेक्स एन्वायरमेंट उपलब्ध कराकर उनसे बेस्ट परफॉर्म कराना है।

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ऐसे प्रोग्राम की शुरुआत गूगल और एप्पल जैसी कंपनियों ने की थी लेकिन उनका अधिक फोकस ऑफिस डिजाइन में कूलनेस और बेहतर ऑफिस फेसिलिटी पर ही रहा है लेकिन कॉम्पिटीशन के बढ़ते दबाव में कर्मचारियों को कूलनेस वाले ऑफिस एन्वायरमेंट के साथ वेलनेस प्रोग्राम जैसे कॉन्सेप्ट की भी जरूरत है। कॉरपोरेट वर्ल्ड में उन कंपनियों की डिमांड बढ़ रही है जो ऐसे वेलनेस प्रोग्राम डिजाइन कर एम्प्लाई फ्रेंडली भी बना सके।

एक प्रतिशत से कम है संख्या
वेलनेस प्रोग्राम उपलब्ध कराने वाली कंपनियां सर्विस सेक्टर से सबंधित होती है। यदि स्टार्टअप वर्ल्ड की बात कि जाए तो ऐसी कंपनियों की संख्या कुल स्टार्टअप की तुलना में एक प्रतिशत से भी कम है। इसलिए यंग एंटरप्रेन्योर जो सर्विस सेक्टर में कॅरियर के ऑप्शन तलाश रहे हैं उनके लिए वेलनेस प्रोग्राम वाले स्टार्टअप का आइडिया फायदेमंद साबित हो सकता है। जनरेशन जेड की क्रिएटिविटी और बेहतर इमेजीनेशन ऐसे प्रोग्राम को डिजाइन करने में अच्छी साबित हो सकती है।

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इंडिया में इसलिए ब्राइट फ्यूचर
एशिया रीजन में बीते पांच वर्षों में मेन्यूफेक्चरिंग और आइटी सेक्टर ने तेजी से ग्रो किया है। इस दौरान 23 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने कम अंतराल में दूसरी कंपनियों में मूव किया है। पिछले कुछ समय से इन सेक्टरों में काम करने वाली बड़ी या छोटी कंपनियां में वेलनेस प्रोग्राम को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। प्रोफेशनली रूप से ऐसे पैकेज को डिजाइन करने वाली कंपनियों की अनुपलब्धता उनके लिए परेशानी बन रही है। विशेषकर इंडिया, चीन व सिंगापुर जैसे देशों में वेलनेस प्रोग्राम पैकेज उपलब्ध कराने वाली या इससे सबंधित कंसल्टेंसी फर्म को अधिक तलाश किया जा रहा है।

स्टार्टअप के रूप में आपका चैलेंज
वेलनेस प्रोग्राम को मुख्यतया ऑफिस इंटीरियर या सिर्फ काउंसलिंग से जोडक़र देखा जाता है। यदि आप यूरोप और अमरीका में काम कर रहे ऐसे स्टार्टअप की स्टडी करेंगे तो आप समझ पाएंगे कि वे अपने पैकेज में क्लाइंट को योगा सेशन, सरप्राइजिंग विजिट, स्पोट्र्स वीकेंड, सोशल गैदरिंग, एडवेंचर स्पोट्र्स जैसी एक्टिविटी को भी शामिल कर रहे है। स्मॉल बिजनेस को ऐसे वेलनेस प्रोग्राम के पैकेज उपलब्ध कराएं जा रहे हैं जो उनके बजट में हो। यदि आप इस फील्ड के लिए अपने आइडिया को डिजाइन करने की शुरुआत कर रहे हैं तो आपको स्टडी और रिसर्च की आवश्यकता है।

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जेटब्लू : इस कंपनी की ओर से प्रत्येक एम्प्लॉई को मिनिमिम कॉस्ट में साइकोलॉजिस्ट और फिजियोथैरिपिस्ट की सर्विस उपलब्ध कराई जा रही है। इंडिया, चीन व सिंगापुर जैसे देशों में वेलनेस प्रोग्राम पैकेज उपलब्ध कराने वाली या आइडिया से सबंधित कंसल्टेंसी फर्म को भी अधिक तलाश किया जा रहा है।

क्या करते हैं बड़े ब्रांड
पांच वर्ष पूर्व तक बिग कॉरपोरेट हाउस वेलनेस प्रोग्राम पैकेज को अनावश्यक खर्चे के तौर पर देखते थे लेकिन जब ऐसे प्रोग्राम से एम्प्लॉई की परफॉर्मेंस में सुधार आने लगा तो कंपनियों को अपनी सोच में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

गूगल : गूगल के सिलिकॉन वैली कैम्पस में मसाज थैरेपिस्ट, फिजियो, साइकोलॉजिस्ट, कोरियोग्राफर सहित अलग-अलग फील्ड के प्रोफेशनल्स की टीम काम करती है। गूगल के इस कैम्पस में जिम, योगा सेन्टर सहित एम्म्लॉई पार्टी डांस के लिए भी ट्रेनिंग ले सकता है।

एप्पल : एप्पल में प्रत्येक डेस्क को एम्प्लॉई के अनुसार डिजाइन कराया जाता है जिसकी औसतन कीमत 90 हजार से अधिक होती है। एम्प्लॉई की हेल्थ को लेकर एप्पल काफी सजग रहती है। उसका आर्ट व वेलनेस सेंटर इस मामले में काफी लाभकारी है।

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सुनील शर्मा
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